कागजी स्कूलों पर UP Board का बड़ा एक्शन, 465 इंटर कॉलेजों की मान्यता की रद्द
UP News: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने प्रदेशभर में कागजी और निष्क्रिय विद्यालयों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 465 इंटर कॉलेजों की मान्यता समाप्त कर दी है। इन विद्यालयों से लगातार दो शैक्षिक सत्रों में एक भी छात्र बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं हुआ था। कार्रवाई के बाद स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मच गया है।
यूपी बोर्ड सचिव भगवती सिंह की ओर से जारी आदेश के अनुसार, इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम-1921 के तहत उन विद्यालयों की मान्यता स्वतः समाप्त मानी जाएगी, जहां लगातार दो वर्षों तक न तो कक्षाएं संचालित हुईं और न ही कोई छात्र बोर्ड परीक्षा में शामिल हुआ।
दो साल तक नहीं बैठे छात्र, चली मान्यता
UP Board के अनुसार जिन विद्यालयों से शैक्षिक सत्र 2024-25 और 2025-26 में कोई भी छात्र परीक्षा में शामिल नहीं हुआ, उनकी मान्यता समाप्त कर दी गई है। यह कार्रवाई विशेष रूप से स्ववित्तपोषित विद्यालयों पर लागू की गई है।
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह नियम हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के नवीन (वन टाइम) मान्यता प्राप्त विद्यालयों पर लागू होता है। हालांकि अतिरिक्त वर्गों और कुछ वैकल्पिक विषयों की मान्यता पर यह प्रावधान लागू नहीं होगा।
प्रयागराज समेत कई जिलों के स्कूल प्रभावित
मान्यता समाप्त किए गए विद्यालयों में प्रयागराज के 25 स्कूल भी शामिल हैं। प्रदेश के कई जिलों में बड़ी संख्या में संस्थान इस कार्रवाई की जद में आए हैं।
सबसे ज्यादा असर गाजीपुर जिले में देखने को मिला, जहां 47 विद्यालयों की मान्यता खत्म कर दी गई। इसके बाद संबंधित स्कूलों में नए प्रवेश पर भी रोक लग गई है।
UP Board की इस कार्रवाई को शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और सिर्फ कागजों पर चल रहे विद्यालयों के खिलाफ बड़े अभियान के रूप में देखा जा रहा है। लंबे समय से ऐसे संस्थानों की शिकायतें मिल रही थीं, जहां नाम तो स्कूल का था लेकिन न पढ़ाई होती थी और न ही छात्र मौजूद थे।
छात्रों और अभिभावकों के लिए जरूरी सलाह
यदि आपके बच्चे का नाम ऐसे किसी विद्यालय में दर्ज है, तो संबंधित स्कूल की मान्यता की स्थिति तुरंत जांच लें। अभिभावक यूपी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट या जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) कार्यालय से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
मान्यता समाप्त होने से प्रभावित छात्रों को नियमों के तहत अन्य मान्यता प्राप्त विद्यालयों में स्थानांतरित किया जा सकता है। नए प्रवेश के समय स्कूल की मान्यता की पुष्टि करना बेहद जरूरी है।

