AI दुल्हन, फर्जी रिश्ते और 1700 युवकों से करोड़ों की ठगी… कानपुर में फर्जी मैरिज ब्यूरो रैकेट का भंडाफोड़
Fake Marriage Bureau in Kanpur: उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक बड़े फर्जी मैरिज ब्यूरो रैकेट का खुलासा हुआ है। आरोप है कि एआई (AI) से तैयार की गई सुंदर युवतियों की तस्वीरें दिखाकर शादी का झांसा दिया जाता था और फिर युवकों से लाखों रुपये वसूले जाते थे। पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जांच में सामने आया है कि बीते चार वर्षों में करीब 1700 लोगों को ठगी का शिकार बनाया गया, जबकि किसी की भी शादी नहीं कराई गई।
मामले का खुलासा बाराबंकी निवासी एक युवक की शिकायत के बाद हुआ। पीड़ित ने आरोप लगाया कि शादी कराने के नाम पर उससे चार महीने में करीब चार लाख रुपये ठग लिए गए। शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल और क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की।
फोन कॉल और बैंक खातों की जांच में कई संदिग्ध नंबरों की लोकेशन एक ही स्थान पर मिली। इसके बाद पुलिस ने कानपुर के कर्रही रोड, गोशाला और यशोदा नगर स्थित तीन अलग-अलग मैरिज ब्यूरो कार्यालयों पर एक साथ छापेमारी की।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से भिलाई (छत्तीसगढ़) का रहने वाला रंजीश कुमार गौड़ है। उसने अलग-अलग नामों से तीन मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म और मैरिज ब्यूरो शुरू किए थे।
जांच में पता चला कि उसने पहले एक निजी मैट्रिमोनियल कंपनी में काम किया था, जहां से उसने इस कारोबार की बारीकियां सीखी थीं। बाद में उसने खुद का नेटवर्क खड़ा कर लिया।
AI तस्वीरों से फंसाए जाते थे युवक
पुलिस का दावा है कि आरोपी AI तकनीक की मदद से आकर्षक युवतियों की तस्वीरें तैयार कराता था। इन्हें संभावित दुल्हन बताकर युवकों को दिखाया जाता था। शादी तय कराने, रजिस्ट्रेशन, प्रोफाइल मैचिंग और अन्य बहानों से उनसे लगातार पैसे लिए जाते थे।
जांच में यह भी सामने आया कि पूरे नेटवर्क को चलाने के लिए कॉल सेंटर जैसा सिस्टम बनाया गया था, जहां दर्जनों टेलीकॉलर युवकों से संपर्क करती थीं।
23 टेलीकॉलर, करोड़ों का लेनदेन
छापेमारी के दौरान तीनों कार्यालयों से 23 महिला टेलीकॉलर मिलीं। पुलिस ने उनसे पूछताछ की और नोटिस देकर फिलहाल छोड़ दिया। शुरुआती जांच में आरोपी के 11 बैंक खातों की जानकारी मिली है।
चार खातों की जांच में ही करीब 41 लाख रुपये के लेनदेन का पता चला है। पुलिस का मानना है कि कुल ठगी की रकम इससे कहीं अधिक हो सकती है।
तीन आरोपी अभी भी फरार
पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं एक महिला समेत तीन अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। जांच एजेंसियां बैंक खातों, कॉल रिकॉर्ड और ऑनलाइन लेनदेन की भी पड़ताल कर रही हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह संगठित साइबर ठगी का मामला है, जिसमें शादी की तलाश कर रहे लोगों को निशाना बनाया गया। मामले में आगे और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
Also Read: Pilibhit: 8 साल की बेटी के साथ हुई दरिंदगी पर पुलिस का एक्शन, बुलडोजर से गिराया आरोपी का घर

