’13 साल की उम्र में शुरू होते हैं पीरियड्स…’, UP गवर्नर की सलाह- सच्चा प्रेम है तो पढ़ाई पूरी होने तक शादी नहीं
Lucknow SGPGI Convocation: लखनऊ स्थित संजय गांधी पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (SGPGI) के 30वें दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किशोरियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और जागरूकता को लेकर अहम संदेश दिया। उन्होंने कहा कि 13 साल की उम्र बेटियों के जीवन का बेहद संवेदनशील दौर होता है, इसलिए परिवार और शिक्षकों को इस उम्र में विशेष ध्यान देने की जरूरत है। समारोह में उन्होंने 279 छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान कीं, जबकि उत्कृष्ट शिक्षकों, शोधकर्ताओं और डॉक्टरों को विभिन्न पुरस्कारों और गोल्ड मेडल से सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा कार्यक्रम में शामिल होने वाले थे, लेकिन वह नहीं पहुंच सके।
किशोरियों की सेहत और पढ़ाई पर दिया जोर
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि कई बार उनकी बातें वायरल हो जाती हैं, लेकिन उनका उद्देश्य केवल समाज को बेहतर दिशा देना होता है। उन्होंने कहा कि 13 साल की उम्र में बेटियों का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, क्योंकि इसी दौरान मासिक धर्म (पीरियड्स) शुरू होते हैं और स्वास्थ्य संबंधी नियमित जांच भी जरूरी होती है।
उन्होंने कहा कि इस उम्र में आकर्षण स्वाभाविक होता है। ऐसे में परिवार और शिक्षकों की जिम्मेदारी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि यदि दो युवाओं के बीच सच्चा प्रेम है, तो उन्हें मिलकर यह तय करना चाहिए कि “जब तक पढ़ाई पूरी नहीं होगी, तब तक शादी नहीं करेंगे।”
279 विद्यार्थियों को मिली डिग्री, कई सम्मान भी दिए गए

दीक्षांत समारोह में कुल 279 छात्र-छात्राओं को डिग्रियां प्रदान की गईं। वहीं शोध और चिकित्सा सेवाओं में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 13 संकाय सदस्यों, शोधकर्ताओं और रेजिडेंट डॉक्टरों को विभिन्न प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया गया।
इस वर्ष पहली बार संस्थान के सर्वश्रेष्ठ संकाय सदस्य के लिए शुरू किए गए ‘गवर्नर गोल्ड मेडल’ से डॉ. नारायण प्रसाद को सम्मानित किया गया।
दो पुस्तकों का हुआ लोकार्पण
समारोह के दौरान राज्यपाल ने चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ी दो पुस्तकों – ‘Essentials of Breast Surgery: Hand Book for Trainees and Surgeons’ और ‘From Hope to Healing: A Practical Guide to Transplant System in India’ का भी लोकार्पण किया।
एसजीपीजीआई द्वारा गोद लिए गए गांवों के बच्चों ने मां के महत्व पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुति और गुजराती लोकनृत्य प्रस्तुत किया, जिसकी राज्यपाल ने सराहना करते हुए बच्चों को पुरस्कृत भी किया।
ब्रजेश पाठक बोले- चिकित्सा सबसे बड़ी मानव सेवा
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने नवस्नातक डॉक्टरों से कहा कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सर्वोच्च सेवा है। उन्होंने चिकित्सकों से हर मरीज को भगवान का स्वरूप मानकर संवेदनशीलता और समर्पण के साथ उपचार करने का आह्वान किया।
इस दौरान एचपीवी टीकाकरण अभियान में योगदान देने वाले अधिकारियों और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी सम्मानित किया गया।
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