मेटा का अलर्ट और यूपी पुलिस का सुपरफास्ट एक्शन, आजमगढ़ में 8 मिनट में बचाई गई 19 वर्षीय युवती की जान

Azamgarh News: सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट और उसके ठीक 8 मिनट बाद दरवाजे पर पुलिस की दस्तक, आजमगढ़ के सिधारी इलाके में शुक्रवार की रात कुछ ऐसा ही मंजर था। पारिवारिक कलह से टूटी एक 19 साल की लड़की ने जब इंस्टाग्राम पर अपना आखिरी वीडियो डाला, तो उसे अंदाजा भी नहीं था कि लखनऊ पुलिस मुख्यालय और फेसबुक (मेटा) की टीम उसकी हर हरकत पर नजर रखे हुए है।

मैं अपनी अम्मी के पास जा रही हूं

3 अप्रैल, 2026 की रात करीब 10:18 बजे, युवती ने इंस्टाग्राम पर ढेर सारी दवाइयां खाते हुए एक वीडियो पोस्ट किया। उसने लिखा, मैं भी और मेरी स्टोरी भी लास्ट है, क्योंकि मैं जा रही हूं अपनी अम्मी के पास। लड़की की मां का पहले ही देहांत हो चुका था और वह अकेलेपन व अवसाद (डिप्रेशन) से जूझ रही थी। जैसे ही यह पोस्ट लाइव हुई, अमेरिका स्थित मेटा कंपनी के सिस्टम ने इसे सुसाइडल अलर्ट के रूप में पकड़ा और तुरंत उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय को ई-मेल के जरिए सूचना भेजी।

लखनऊ से आजमगढ़ तक दौड़ी सनसनी

पुलिस महानिदेशक (DGP) मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर ने बिना एक पल गंवाए युवती की लोकेशन ट्रेस की और आजमगढ़ पुलिस को अलर्ट किया। रात के सन्नाटे में सिधारी थाने के उप-निरीक्षक और महिला पुलिसकर्मी जीप लेकर लोकेशन की तरफ दौड़े।

सिर्फ 8 मिनट के भीतर पुलिस टीम युवती के घर पहुंच गई। जब पुलिस अंदर दाखिल हुई, तो युवती दर्द से तड़प रही थी और अपना पेट व गला दबाते हुए बेहोश हो गई थी। पुलिसकर्मियों ने बिना एम्बुलेंस का इंतजार किए उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने समय रहते इलाज शुरू कर उसे बचा लिया।

क्यों उठाया यह आत्मघाती कदम

स्वस्थ होने के बाद युवती ने बताया कि मां की कमी और घर में बहन के साथ खाने बनाने जैसी छोटी बातों पर होने वाले रोज-रोज के विवाद ने उसे मानसिक रूप से तोड़ दिया था। उसे लगा कि उसके पास अब कोई रास्ता नहीं बचा है। पुलिस ने न सिर्फ उसकी जान बचाई, बल्कि उसकी काउंसलिंग भी की, जिसके बाद उसने दोबारा ऐसी गलती न करने का वादा किया।

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश पुलिस और मेटा कंपनी के बीच 2022 से एक खास समझौता है। इसके तहत अगर कोई भी व्यक्ति फेसबुक या इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से जुड़ी पोस्ट करता है, तो पुलिस को तुरंत अलर्ट मिलता है।

रिकॉर्ड: 1 जनवरी, 2023 से 31 मार्च, 2026 के बीच यूपी पुलिस इस तकनीक की मदद से 2427 लोगों की जान बचा चुकी है।

सम्मान: इस शानदार पहल के लिए यूपी पुलिस को प्रतिष्ठित SKOCH Award-2025 और The Economic Times GovTech Awards-2026 से भी नवाजा जा चुका है।

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