स्मार्ट मीटर की कीमत से ज्यादा वसूली पर UPPCL को फटकार, बिजली कंपनियों के MD तलब
UPPCL News : यूपी में नए बिजली कनेक्शन पर स्मार्ट प्रीपेड मीटर के लिए अतिरिक्त वसूली गई रकम वापस करने में बिजली कंपनियों की लापरवाही पर राज्य विद्युत नियामक आयोग ने सख्त नाराजगी जताई है।
आयोग ने यूपीपीसीएल को फटकार लगाते हुए सभी बिजली कंपनियों के प्रबंध निदेशकों को 20 अगस्त को तलब किया है। उन्हें उपभोक्ताओं से अधिक वसूली गई धनराशि वापस किए जाने का शपथपत्र भी देना होगा।
आयोग ने अप्रैल से जुलाई के बीच अतिरिक्त वसूली गई रकम उपभोक्ताओं को वापस करने के आदेश दिए थे।
93 हजार उपभोक्ताओं को लौटाने थे 33 करोड़ रुपये
मंगलवार को स्मार्ट प्रीपेड मीटर की वास्तविक लागत से अधिक वसूली के मामले में राज्य विद्युत नियामक आयोग में सुनवाई हुई। आयोग के अध्यक्ष अरविंद कुमार, सदस्य संजय कुमार सिंह और गिरीश कुमार वैश्य ने बिजली कंपनियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई और पावर कॉरपोरेशन की भूमिका पर भी सवाल उठाए।
उपभोक्ता परिषद की शिकायत के बाद आयोग ने छह मार्च को आदेश दिया था कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर की निर्धारित लागत से अधिक वसूली गई रकम वापस की जाए।
सिंगल फेस मीटर की निर्धारित लागत 2,800 रुपये और थ्री फेस मीटर की लागत 4,100 रुपये तय की गई थी। आयोग ने आदेश दिया था कि अतिरिक्त रकम अप्रैल के पहले बिलिंग साइकिल में ही उपभोक्ताओं को वापस की जाए।
पावर कॉरपोरेशन ने आयोग को बताया कि जुलाई और अगस्त में कुल 93,138 उपभोक्ताओं को धनराशि वापस की जानी थी। इनमें 85,458 सिंगल फेस और 7,680 थ्री फेस उपभोक्ता शामिल हैं।
कुल 33 करोड़ 22 लाख रुपये की वापसी के मुकाबले अब तक 30 करोड़ 86 लाख रुपये उपभोक्ताओं के बिलों में वापस किए जा चुके हैं, जबकि करीब 2 करोड़ 36 लाख रुपये की धनराशि अभी लौटाई जानी बाकी है।
पौने चार लाख उपभोक्ताओं की भी जांच की मांग
विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि बिजली कंपनियां सिर्फ 93,138 उपभोक्ताओं की धनवापसी की बात कर रही हैं। उनके मुताबिक उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार 10 सितंबर 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक प्रदेश की सभी बिजली कंपनियों ने 3,73,509 उपभोक्ताओं को नए बिजली कनेक्शन दिए थे।
उन्होंने मांग की कि इन सभी उपभोक्ताओं की भी जांच की जाए और स्मार्ट प्रीपेड मीटर के लिए अतिरिक्त वसूली गई रकम वापस की जाए।
उनके अनुसार, इस दौरान कुछ उपभोक्ताओं से सिंगल फेस मीटर के लिए 6,016 रुपये और थ्री फेस मीटर के लिए 11,341 रुपये की दर से धनराशि वसूली गई थी।
आयोग ने बिजली कंपनियों के प्रबंध निदेशकों को 20 अगस्त को तलब करते हुए पूरी धनवापसी का शपथपत्र देने को कहा है।

