‘मैं हारी नहीं हूं, इस्तीफा नहीं दूंगी’, ममता बनर्जी का चुनाव आयोग और BJP पर बड़ा हमला
Sandesh Wahak Digital Desk: पश्चिम बंगाल चुनाव के नतीजों के बाद राज्य की सियासत में भूचाल आ गया है। हार के बावजूद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस्तीफा देने से साफ इनकार कर दिया है। ममता ने चुनाव आयोग (EC) और भाजपा पर साजिश रचने का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें ‘हराया गया है, वह हारी नहीं हैं’। उन्होंने काउंटिंग के दौरान खुद के साथ मारपीट और धक्का-मुक्की किए जाने का भी सनसनीखेज दावा किया है।
‘नैतिक जीत हमारी, साजिश से भाजपा जीती’
मीडिया द्वारा लोकभवन जाकर इस्तीफा देने के सवाल पर ममता बनर्जी बुरी तरह भड़क गईं। उन्होंने दो टूक कहा, “मैं क्यों जाऊंगी? हम हारे नहीं हैं। चोरी करके जीतने वालों को अगर लगता है कि मैं इस्तीफा दे दूंगी, तो ऐसा नहीं होगा।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और चुनाव आयोग के बीच ‘बेटिंग’ (सांठगांठ) थी, जिसके दम पर जनादेश को बदला गया है।
ममता बनर्जी द्वारा लगाए गए 5 प्रमुख आरोप
ममता ने दावा किया कि SIR प्रक्रिया के नाम पर करीब 90 लाख मतदाताओं के नाम हटा दिए गए। कोर्ट के दखल के बाद 32 लाख नाम जुड़े, लेकिन बाकी का क्या हुआ?
उन्होंने ईवीएम की चार्जिंग पर सवाल उठाते हुए कहा कि वोटिंग के बाद मशीनें 80-90% चार्ज कैसे रह सकती हैं? इसे उन्होंने ‘लोकतंत्र की लूट’ बताया।
चुनाव से ठीक पहले आईपीएस और आईएएस अधिकारियों को बदलकर भाजपा ने अपनी पसंद के लोग बिठाए और सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग किया।
टीएमसी कार्यकर्ताओं और समर्थकों को डराने के लिए चुनाव से दो दिन पहले ही छापेमारी और गिरफ्तारियों का दौर शुरू कर दिया गया।
ममता ने आरोप लगाया कि काउंटिंग रूम में टीएमसी एजेंटों को घुसने नहीं दिया गया। जब वह खुद वहां पहुंचीं, तो उनके साथ धक्का-मुक्की की गई और उनके पेट व पीठ पर लात मारी गई।
‘अब मैं आजाद पंछी हूं’, इंडी गठबंधन के साथ लड़ूंगी
ममता बनर्जी ने खुद को ‘आजाद पंछी’ बताते हुए कहा कि अब उनके पास कोई कुर्सी नहीं है, इसलिए वह एक आम नागरिक की तरह लोकतंत्र बचाने की लड़ाई लड़ेंगी। उन्होंने बताया कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अखिलेश यादव समेत ‘इंडी गठबंधन’ के तमाम नेताओं ने उनसे बात की है। अखिलेश यादव कल उनसे मुलाकात करने बंगाल आ सकते हैं।

