कंगना रनौत बोलीं- पीएम मोदी और उनकी मां पर अमर्यादित टिप्पणी करने वाले ये कैसे छात्र थे
Sandesh Wahak Digital Desk: मेडिकल प्रवेश परीक्षा (NEET) धांधली के विरोध में राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी छात्रों का प्रदर्शन आखिरकार समाप्त हो गया है। केंद्र सरकार द्वारा आंदोलनकारियों की मुख्य मांगों को स्वीकार किए जाने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद यह धरना खत्म हुआ। हालांकि, इस पूरे आंदोलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके परिवार पर की गई अमर्यादित टिप्पणियों को लेकर अब राजनीतिक हलकों में तीखी बहस छिड़ गई है। संसद के मॉनसून सत्र के दौरान सत्ता पक्ष ने इस मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठाया।
मंडी से भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सांसद कंगना रनौत ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए प्रदर्शन के दौरान इस्तेमाल की गई भाषा की निंदा की और प्रदर्शनकारियों के आचरण पर सवाल खड़े किए। संसद परिसर में मीडिया और सदन को संबोधित करते हुए सांसद कंगना रनौत ने कहा, हमारे देश के 75 वर्षीय प्रधानमंत्री को निशाना बनाया गया और उनकी दिवंगत माताजी के लिए बेहद अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। हमने भी अपने दौर में छात्र राजनीति और आंदोलनों को देखा है, लेकिन यह कौन-सी संस्कृति है? ये कैसे छात्र हैं जो इस तरह की अश्लीलता पर उतर आए हैं? क्या ये वाकई विद्यार्थी लगते हैं?
उन्होंने आगे आत्मनिर्भरता और सामाजिक नैतिक मूल्यों का जिक्र करते हुए कहा कि युवा अवस्था में अपने पैरों पर खड़े होने का प्रयास करना चाहिए, न कि परिवार पर निर्भर रहकर इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना रवैये में शामिल होना। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक सभ्य समाज के रूप में ऐसी भाषा और व्यवहार को कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता।
#WATCH | Delhi: BJP MP Kangana Ranaut says, "Our 75-year-old Prime Minister was targeted, and filthy abuse was hurled at his late mother. We, too, have participated in student protests. But what kind of students are these, and what kind of obscene language are they using? In what… pic.twitter.com/S4uFS0C9NI
— ANI (@ANI) July 28, 2026
एंटी-पेपर लीक बिल और सरकार के प्रयासों की सराहना
संसद में हाल ही में पेश किए गए सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक का समर्थन करते हुए कंगना ने केंद्र सरकार के कदमों की सराहना की। कंगना ने कहा कि नया संशोधन विधेयक पेश करना यह साबित करता है कि प्रधानमंत्री देश की पारदर्शी परीक्षा प्रणाली और युवाओं के भविष्य को लेकर कितने प्रतिबद्ध हैं।
परीक्षा तंत्र से भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों को खत्म करने के लिए सरकार द्वारा एक उच्च-स्तरीय विशेषज्ञ समिति गठित की गई है। उन्होंने यूपीए कार्यकाल के मुकाबले मौजूदा शिक्षा बजट की बढ़ोतरी का जिक्र करते हुए कहा कि आज विपक्ष द्वारा की जा रही आलोचनाएं महज उनकी राजनीतिक बौखलाहट को दर्शाती हैं।

