कौन है कांग्रेस की दिग्गज नेता Meenakshi Natarajan? जिनका नामांकन रद्द होने पर गरमाई राजनीति

Sandesh Wahak Digital Desk: मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार Meenakshi Natarajan का नामांकन रद्द होने के बाद प्रदेश ही नहीं, राष्ट्रीय राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस फैसले को लोकतंत्र के खिलाफ बताते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता चुनाव आयोग तक पहुंच गए और फैसले का विरोध दर्ज कराया।

मीनाक्षी नटराजन का नाम अचानक चर्चा में आने के बाद लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर वह कौन हैं और कांग्रेस में उनकी क्या भूमिका रही है।

Meenakshi Natarajan कांग्रेस की उन नेताओं में गिनी जाती हैं, जिन्हें राहुल गांधी के सबसे करीबी और भरोसेमंद सहयोगियों में माना जाता है। हालांकि वह अक्सर सुर्खियों से दूर रहती हैं, लेकिन संगठन के भीतर उनकी मजबूत पकड़ और सक्रिय भूमिका लंबे समय से रही है।

साल 2004 में राहुल गांधी के सक्रिय राजनीति में आने के बाद युवा संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर काम शुरू हुआ। इसी दौरान मीनाक्षी नटराजन राहुल गांधी की कोर टीम का हिस्सा बनीं। जब राहुल गांधी को 2007 में कांग्रेस महासचिव बनाया गया और उन्हें NSUI तथा Youth Congress में संगठनात्मक बदलाव की जिम्मेदारी मिली, तब मीनाक्षी नटराजन उन नेताओं में शामिल थीं जिन पर उन्होंने सबसे ज्यादा भरोसा जताया।

राहुल गांधी की पसंद से बनीं सांसद

कौन है कांग्रेस की दिग्गज नेता Meenakshi Natarajan? जिनका नामांकन रद्द होने पर गरमाई राजनीति

साल 2008 में Meenakshi Natarajan को कांग्रेस के केंद्रीय संगठन में AICC सचिव की जिम्मेदारी मिली। इसके बाद 2009 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने उन्हें मध्य प्रदेश की मंदसौर सीट से उम्मीदवार बनाया।

मीनाक्षी ने उस चुनाव में बड़ा राजनीतिक उलटफेर करते हुए भाजपा के मजबूत गढ़ माने जाने वाले मंदसौर में जीत दर्ज की। खास बात यह रही कि कांग्रेस इस सीट पर लगातार छह चुनाव हार चुकी थी, लेकिन मीनाक्षी नटराजन ने जीत हासिल कर पार्टी नेतृत्व का भरोसा सही साबित किया।

हालांकि 2014 और 2019 के लोकसभा चुनावों में वह जीत नहीं दोहरा सकीं और भाजपा उम्मीदवार सुधीर गुप्ता के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा।

इसके बावजूद संगठन में उनकी अहमियत बनी रही। फरवरी 2025 में कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें तेलंगाना का AICC प्रभारी नियुक्त किया, जिसके बाद वह फिर से राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने लगीं।

नामांकन रद्द होने पर भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन रद्द होने के बाद Meenakshi Natarajan ने भाजपा पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि विवाद तब शुरू हुआ जब भाजपा ने पर्याप्त संख्या बल नहीं होने के बावजूद तीसरे उम्मीदवार को मैदान में उतार दिया।

मीनाक्षी ने दावा किया कि यह केवल एक राज्यसभा सीट का मामला नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान की रक्षा से जुड़ा बड़ा मुद्दा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस लड़ाई को लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई के रूप में देख रही है।

मामले को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, भूपेश बघेल और सचिन पायलट समेत कई नेता चुनाव आयोग पहुंचे और नामांकन रद्द किए जाने पर विरोध दर्ज कराया।

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