धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा युवाओं की जीत, संजय सिंह बोले, जनदबाव के आगे झुकी सरकार
Sanjay Singh: आम आदमी पार्टी (AAP) के उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को देश के करोड़ों युवाओं के संघर्ष की ऐतिहासिक जीत बताया है। उन्होंने कहा कि एक महीने से चल रहे छात्र आंदोलन और जंतर-मंतर से उठी आवाज ने केंद्र सरकार को यह फैसला लेने के लिए मजबूर किया। संजय सिंह का दावा है कि मोदी सरकार के 12 साल के कार्यकाल में पहली बार किसी केंद्रीय मंत्री को जनदबाव के चलते इस्तीफा देना पड़ा है।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक मंत्री का इस्तीफा नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक तरीके से लड़ने वाले युवाओं की एकजुटता और साहस की जीत है। संजय सिंह ने संघर्ष में शामिल सभी छात्रों और युवाओं को बधाई भी दी।
मुआवजा और एफआईआर वापस लेने की मांग
संजय सिंह ने आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले 21 छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने की मांग दोहराई। इसके साथ ही उन्होंने प्रदर्शन में शामिल छात्रों और युवाओं पर दर्ज सभी एफआईआर और अन्य कानूनी मामलों को तुरंत वापस लेने की अपील की। उनका कहना था कि सरकार को इन मांगों पर बिना देरी फैसला लेना चाहिए।
रोजगार की लड़ाई जारी रखने की अपील
AAP सांसद ने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन अब रोजगार की गारंटी, पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया और जवाबदेह शासन की लड़ाई तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने युवाओं से लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाने और सकारात्मक दिशा में संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
संजय सिंह ने सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके समेत आंदोलन से जुड़े सभी युवाओं की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि देश का भविष्य युवाओं के हाथ में है और अब उनकी आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
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