सीएम योगी ने शिक्षकों को दी युवाओं को भ्रामक सूचनाओं से बचाने की नसीहत, बोले- गूगल की हर जानकारी सही नहीं होती
Agra News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों को आह्वान किया है कि वे युवाओं को गुमराह होने से बचाएं और नई तकनीक को देशहित का माध्यम बनाएं। रविवार को आगरा स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के छत्रपति शिवाजी मंडपम में उच्च शिक्षा के शिक्षकों के लिए कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करते हुए सीएम ने कहा कि आज देश की लगभग 60 फीसदी युवा आबादी स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के जरिए जानकारियां जुटा रही है। ऐसे में अनाम और फर्जी अकाउंट्स द्वारा फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाएं समाज में विद्वेष और अव्यवस्था पैदा कर सकती हैं।
सीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि गूगल या सोशल मीडिया पर उपलब्ध हर जानकारी प्रामाणिक हो, यह बिल्कुल जरूरी नहीं है। शिक्षण संस्थानों और शिक्षकों को आगे आकर युवाओं को डिजिटल युग के इन खतरों से आगाह करना होगा।
भारत विरोधी ताकतों के षड्यंत्र को नाकाम करने के लिए राष्ट्र प्रथम का भाव जरूरी
मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि तकनीक से दूर भागने के बजाय उसका सही और कल्याणकारी उपयोग सिखाना समय की मांग है। भारत विरोधी ताकतें धनबल और आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग कर समाज को बांटने की कोशिशों में लगी हैं। इन साजिशों को नाकाम करने के लिए शिक्षण संस्थानों को ‘राष्ट्र प्रथम’ के भाव के साथ भावी पीढ़ी का सही मार्गदर्शन करना होगा।
स्वाध्याय, पुस्तकालय और एआई-रोबोटिक्स तकनीक के संतुलन पर जोर
सीएम योगी ने शिक्षकों को सलाह दी कि वे छात्रों में पुस्तकालय जाने, संदर्भ पुस्तकें पढ़ने और आत्मानुशासन विकसित करने की आदत को पुनः जीवित करें। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से प्रदेश के हर जिले में स्थित आईटीआई, पॉलीटेक्निक और इंजीनियरिंग कॉलेजों में एआई (AI), रोबोटिक्स, ड्रोन तकनीक और 3डी प्रिंटिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं, ताकि युवाओं को तकनीक के क्षेत्र में सक्षम बनाया जा सके।

