UP Politics: मायावती की एक और बड़ी कार्रवाई, भाई आनंद कुमार को नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से हटाया
Sandesh Wahak Digital Desk: बहुजन समाज पार्टी (बसपा) में बीते कुछ समय से लगातार बड़े बदलाव हो रहे हैं। हाल ही में बसपा सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को नेशनल कोऑर्डिनेटर समेत सभी पदों से हटाने के साथ ही पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था। अब मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार को भी बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से हटा दिया है। हालांकि, वे पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद पर बने रहेंगे।
बसपा प्रमुख ने इस फैसले की घोषणा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) के जरिए की। उन्होंने लिखा, “काफी लंबे समय से निस्वार्थ सेवा और समर्पण के साथ कार्यरत बीएसपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आनंद कुमार, जिन्हें हाल ही में नेशनल कोऑर्डिनेटर बनाया गया था, उन्होंने पार्टी और मूवमेंट के हित में एक ही पद पर रहकर कार्य करने की इच्छा व्यक्त की, जिसका स्वागत है।”
3. इस प्रकार, अब श्री रामजी गौतम, राज्यसभा सासंद व श्री रणधीर बेनीवाल ये दोनों बीएसपी नेशनल कोआर्डिनेटर के रूप में सीधे तौर पर मेरे दिशा-निर्देशन में देश के विभिन्न राज्यों की जिम्मेदारियों को संभालेंगे। पार्टी को उम्मीद है कि ये लोग पूरी ईमानदारी व निष्ठा के साथ कार्य करेंगे।
— Mayawati (@Mayawati) March 5, 2025
रणधीर बेनीवाल को मिली बड़ी जिम्मेदारी
मायावती ने आनंद कुमार की जगह रणधीर बेनीवाल को नेशनल कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया है। सहारनपुर के रहने वाले बेनीवाल अब राज्यसभा सांसद रामजी गौतम के साथ मिलकर पार्टी संगठन को मजबूत करने का काम करेंगे। मायावती के मुताबिक, दोनों नेता बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर के रूप में देशभर में पार्टी के विस्तार और संगठनात्मक जिम्मेदारियों को संभालेंगे।
बसपा में लगातार हो रहे बड़े फैसले
मायावती के हालिया फैसलों से साफ है कि वे संगठन में व्यापक बदलाव कर रही हैं। पहले उन्होंने आकाश आनंद को हटाया, फिर उनके उत्तराधिकारी होने की अटकलों को खारिज किया, और अब आनंद कुमार को नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से हटाकर नया नेतृत्व तैयार किया है।
बसपा प्रमुख ने उम्मीद जताई है कि नई जिम्मेदारियों के साथ रणधीर बेनीवाल और रामजी गौतम पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ संगठन को आगे बढ़ाएंगे। उनके ये फैसले 2024 के चुनावों को देखते हुए बसपा की नई रणनीति की ओर भी इशारा कर रहे हैं। बसपा में लगातार हो रहे बदलावों को लेकर सियासी हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
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