एक ही चिता पर जोशी परिवार के पांच सदस्यों को दी गई अंतिम विदाई
Sandesh Wahak Digital Desk: अहमदाबाद विमान हादसे में मारे गए बांसवाड़ा निवासी डॉ. प्रतीक जोशी, उनकी पत्नी डॉ. कौमी व्यास और तीन मासूम बच्चों प्रद्युत, मिराया और नकुल को मंगलवार देर रात एक ही चिता पर अंतिम विदाई दी गई। हादसे के छठे दिन डीएनए जांच के जरिए जब शवों की पहचान हुई, तब जाकर परिजनों को उन्हें अंतिम बार देखने और विदा करने का मौका मिल सका।
डीएनए टेस्ट ने दिलाई अपनों की पहचान
जोशी परिवार के नजदीकी कुलदीप भट्ट ने बताया कि हादसे में बुरी तरह झुलसे शवों की पहचान मुश्किल हो गई थी। सोमवार को एक शव की पुष्टि हो चुकी थी, लेकिन बाकी चार की पहचान बुधवार को आई डीएनए रिपोर्ट के बाद ही संभव हो सकी। सरकारी प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुजरात प्रशासन ने सभी शव परिजनों को सौंप दिए।
देर रात हुआ एक साथ अंतिम संस्कार
बांसवाड़ा और अहमदाबाद से जुड़े परिजनों की मौजूदगी में पूरे जोशी परिवार का अंतिम संस्कार अहमदाबाद में ही मंगलवार रात को किया गया। एक ही चिता पर पांच अर्थियां सजाई गईं, और परिवार, मित्रों व सैकड़ों लोगों की आंखों के सामने एक साथ पांच जिंदगियां विदा हो गईं। यह दृश्य हर किसी को भीतर तक झकझोर देने वाला था।
बांसवाड़ा से अहमदाबाद तक पसरा मातम
हादसे में पूरे परिवार के एक साथ चले जाने से बांसवाड़ा शहर और आसपास के इलाकों में शोक की लहर दौड़ गई थी। प्रतीक और कौमी दोनों ही डॉक्टरी पेशे से जुड़े थे और समाज में उनका खास स्थान था। बच्चों की मासूमियत और उज्जवल भविष्य की कल्पना अब सिर्फ यादों में रह गई है।
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