आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का अल्टीमेटम, मांगे नहीं मानी गईं तो प्रदेशभर में ठप होंगी सेवाएं
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने सरकार को खुली चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे प्रदेशभर में सेवाओं का बहिष्कार करेंगी। शुक्रवार को आंगनबाड़ी कर्मी एवं सहायिका एसोसिएशन उत्तर प्रदेश संघ के बैनर तले सिद्धार्थनगर कलेक्ट्रेट परिसर में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान 14 सूत्रीय मांगों से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया, जिसे प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित किया गया था।
धरना प्रदर्शन की अगुवाई कर रहीं एसोसिएशन की प्रदेश महामंत्री प्रभावती देवी ने प्रदर्शन के दौरान कहा, हमसे सिर्फ़ पाँच हज़ार रुपए मानदेय में लाख रुपए का काम कराया जा रहा है। ये अन्याय है। अगर सरकार हमारी मांगे पूरी नहीं करती तो हम पोषण ट्रैकर, फेस रिकग्निशन सिस्टम, प्रधानमंत्री वंदना योजना और सभी दायिक सेवाओं का बहिष्कार करेंगे।

इन प्रमुख समस्याओं को उठाया गया
कार्बन मोबाइल की दिक्कत: 10-12 साल पहले दिया गया मोबाइल कबाड़ बन चुका है, जिससे काम बाधित हो रहा है।
फेस ऑथेंटिकेशन की अनिवार्यता: जुलाई 2025 से लाभार्थियों को पोषाहार इसी के जरिए देना होगा, लेकिन ज़रूरी तकनीकी संसाधन नहीं मिल पाए हैं।
रिटायरमेंट पर लाभ नहीं: हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद ग्रेच्युटी नहीं मिल रही और न्यूनतम वेतन का लाभ भी नहीं मिल पा रहा।
भुगतान में देरी: हॉट कुक्ड मील और PLI की राशि समय पर नहीं दी जा रही है।
महिलाओं ने बुलंद की अपनी आवाज़
प्रभावती देवी ने मीडिया से बात करते हुए सरकार को आगाह किया कि यह आंदोलन सिर्फ शुरुआत है। अगर सरकार ने अब भी उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो यह प्रदेशव्यापी आंदोलन बन जाएगा और इसका पूरा उत्तरदायित्व शासन और प्रशासन का होगा।
कार्यक्रम में रहे ये प्रमुख चेहरे
शाखा प्रबंधक शुभम गुप्ता, क्षेत्रीय मुख्य प्रबंधक प्रशांत कुमार, और कई आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां मौजूद रहीं। सभी ने एक सुर में सरकार से मानदेय बढ़ाने, संसाधनों की आपूर्ति और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों की मांग की।
रिपोर्ट- जाकिर खान

