Kushinagar: पेंशनरों में केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर नाराज़गी, 23 जून को पीएम के नाम सौंपेंगे ज्ञापन

Sandesh Wahak Digital Desk: केंद्र सरकार की उपेक्षात्मक नीतियों से नाराज़ पेंशनर अब खुलकर विरोध के मूड में हैं। उनका आरोप है कि आठवें वेतन आयोग के लाभों से उन्हें जानबूझकर वंचित किया गया, जिससे देशभर के लाखों सेवानिवृत्त कर्मचारियों में रोष है। इसी को लेकर 23 जून को प्रधानमंत्री के नाम जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपा जाएगा।

कोषागार हाल में हुई बैठक, सरकार की मंशा पर उठाए सवाल

जिला मुख्यालय स्थित कोषागार हाल में हुई बैठक में गवर्नमेंट पेंशनर वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन (यूपी) के अध्यक्ष हरिओम प्रकाश मल्ल की अध्यक्षता में पेंशनरों ने सरकार के रवैये की आलोचना की। मल्ल ने कहा कि जो कर्मचारी अपनी पूरी उम्र देश और प्रदेश की सेवा में लगा देते हैं, उनके साथ इस तरह का व्यवहार निंदनीय है। सरकार को इनसे सहानुभूति रखनी चाहिए, लेकिन उल्टा हो रहा है।

22 लाख राज्य व 62 लाख केंद्रीय पेंशनरों पर असर

हरिओम प्रकाश मल्ल ने बताया कि केंद्र सरकार के इस फैसले से उत्तर प्रदेश के करीब 22 लाख और देशभर के 62 लाख पेंशनर्स प्रभावित हुए हैं। उन्होंने कहा कि आठवें वेतन आयोग के लाभों से वंचित करना अन्यायपूर्ण है और इसके खिलाफ संगठित होकर आवाज़ बुलंद की जाएगी।

23 जून को जिलाधिकारी को सौंपेंगे ज्ञापन

बैठक में यह तय किया गया कि 23 जून को सभी पेंशनर्स एकजुट होकर जिलाधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन देंगे। यह ज्ञापन सिर्फ विरोध नहीं, बल्कि एक सार्थक संवाद और अधिकारों की मांग का प्रतीक होगा। इस मौके पर जिला मंत्री मो. यूनुस, योगेंद्र दूबे, वीरेंद्र सिंहा, अदालत प्रसाद, रामवृक्ष प्रसाद, नागेंद्र दीक्षित, सुरेंद्र दीक्षित और श्याम चरण जैसे वरिष्ठ पेंशनरों ने भी अपने विचार रखे और सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए एकजुटता बनाए रखने का आह्वान किया।

रिपोर्ट- राघवेंद्र मल्ल

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