यूपी पुलिस भर्ती में फर्जी नियुक्ति पत्र लेकर पहुंची युवती, ऐसे खुला राज और हो गई गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में पुलिस भर्ती के लिए चल रही ट्रेनिंग के दौरान एक युवती द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने की कोशिश का मामला सामने आया है। सतर्क अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच के दौरान युवती को पकड़ लिया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
ऐसे हुआ फर्जीवाड़े का खुलासा
एसएसपी रोहित सिंह सजवाण के मुताबिक, इन दिनों सहारनपुर पुलिस लाइन में छह जिलों के महिला रिक्रूट्स का दस्तावेज सत्यापन और ट्रेनिंग प्रक्रिया चल रही है। इसी कड़ी में आगरा जिले के करनपुरी, जैतपुर कलां की रहने वाली मीनाक्षी नाम की एक युवती भी दस्तावेज जांच के लिए पहुंची थी। जब अधिकारियों ने उसके नियुक्ति पत्र की जांच की, तो उसमें कई गड़बड़ियां नजर आईं। गहराई से छानबीन करने पर यह सामने आया कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। संदेह गहराने पर जब युवती से सख्ती से पूछताछ की गई, तो उसने अपने फर्जीवाड़े को स्वीकार कर लिया।
दूसरी अभ्यर्थी के दस्तावेजों की नकल की
आरोपी मीनाक्षी ने बताया कि उसने अमरोहा जिले के नवापुरा गांव की रहने वाली मीनाक्षी पुत्री शिवराज नाम की असली अभ्यर्थी के दस्तावेजों को एडिट किया और उसी में अपना नाम डालकर भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने पहुंची थी। जांच में पता चला कि भर्ती लिस्ट में पहले से ‘मीनाक्षी’ नाम की पांच महिला अभ्यर्थी दर्ज थीं, लेकिन जब छठे ‘मीनाक्षी’ की एंट्री हुई, तो अधिकारियों को शक हुआ। दस्तावेज जांच में यह शंका सही साबित हुई और फर्जीवाड़ा पकड़ में आ गया।
पुलिस ने युवती को गिरफ्तार कर कोतवाली सदर बाजार में धोखाधड़ी समेत संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पूछताछ के बाद उसे जेल भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि अब यह जांच की जा रही है कि आरोपी युवती ने यह पूरा फर्जीवाड़ा अकेले अंजाम दिया या इसके पीछे कोई गिरोह या नेटवर्क काम कर रहा है। मामले की गहराई से जांच की जा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
सख्त निगरानी से हुआ खुलासा
यह घटना पुलिस भर्ती प्रक्रिया में कड़ी निगरानी और दस्तावेज सत्यापन की अहमियत को फिर से रेखांकित करती है। प्रशासन की सतर्कता से एक बड़ा फर्जीवाड़ा समय रहते पकड़ लिया गया, जिससे भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता बनी रही। अब पुलिस को इस मामले में किसी संगठित रैकेट की भूमिका की भी आशंका है, जिसकी जांच तेजी से की जा रही है।
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