मोहर्रम को लेकर लखनऊ पुलिस हाई अलर्ट पर, शहरभर में बैठकें, कड़ी निगरानी और सख्त प्लानिंग तैयार
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ में मोहर्रम को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। प्रशासन की कोशिश है कि यह पर्व पूरी शांति, भाईचारे और सुरक्षा के माहौल में संपन्न हो। इसे लेकर शहर के अलग-अलग थानों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस लगातार बैठकों और निरीक्षणों का दौर चला रही है।
कहां-कहां हो चुकी हैं पुलिस की बैठकें?

अब तक लखनऊ के थाना सआदतगंज, चौक, ठाकुरगंज, तालकटोरा, बाजारखाला, अमीनाबाद, कैसरबाग और गुडंबा समेत कई मुस्लिम बहुल और संवेदनशील इलाकों में पीस कमेटी की बैठकें हो चुकी हैं। इन बैठकों में एसपी, डीसीपी, एसीपी, थाना प्रभारी और धार्मिक-सामाजिक संगठनों के लोग शामिल हुए। बैठकों में आपसी संवाद और सहयोग के जरिए त्योहार को शांतिपूर्वक मनाने की अपील की गई है। पुलिस ने साफ संदेश दिया है कि किसी भी तरह की अफवाह या तनाव की स्थिति में तुरंत पुलिस को जानकारी दें।
पुलिस की प्रमुख योजनाएं क्या हैं?

1. ड्रोन और सीसीटीवी निगरानी: मोहर्रम के जुलूसों के रास्तों पर ड्रोन कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही पूरे रूट पर हाई रिजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरों से निगरानी होगी।
2. अतिरिक्त फोर्स की तैनाती: हाई रिस्क क्षेत्रों में पीएसी, रैपिड एक्शन फोर्स, डायल 112 की क्विक रिस्पॉन्स टीम, और स्थानीय पुलिस बल को तैनात किया जाएगा।
3. सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल: अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखने के लिए एक स्पेशल सोशल मीडिया मॉनिटरिंग यूनिट बनाई गई है। कोई भी भड़काऊ पोस्ट करने वालों पर आईटी एक्ट और धारा 151/107/116 के तहत कार्रवाई होगी।
4. ट्रैफिक डायवर्जन प्लान: पुराने लखनऊ के इलाकों – चौक, नक्खास, अमीनाबाद, हुसैनाबाद, रकाबगंज, ठाकुरगंज, बिल्लौचपुरा, और राजाजीनगर में मोहर्रम के दिन ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया जाएगा।
5. फ्लैग मार्च और रूट मार्च: हर शाम मुस्लिम बहुल इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला जा रहा है ताकि जनता में सुरक्षा का भरोसा बना रहे।
मुस्लिम आबादी वाले इलाकों में विशेष इंतजाम

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मस्जिदों, इमामबाड़ों और ताजिया जुलूस के रूट पर साफ-सफाई, बैरिकेडिंग और लाइटिंग का काम कराया जा रहा है।
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हर चौकी पर एक नोडल अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई है, जो चौबीसों घंटे निगरानी रखेगा।
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महिलाओं की सुरक्षा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की भी तैनाती की जा रही है।
अगर कोई हिंदू या अन्य समुदाय का व्यक्ति अशांति फैलाता है तो?
पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि धर्म या समुदाय देखकर नहीं, बल्कि कानून के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। अगर कोई भी व्यक्ति — चाहे वह किसी भी धर्म से हो — सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करे, अफवाह फैलाए या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करे, तो उस पर एनएसए (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) और गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
एसपी और डीसीपी की प्लानिंग

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डीसीपी सेंट्रल जोन और एसपी ट्रांसगोमती ने सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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अधिकारियों ने “Zero Tolerance Policy” अपनाते हुए कहा है कि हर छोटी-बड़ी सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
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इंटेलिजेंस विंग को भी सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी से पहले ही निपटा जा सके।
पुलिस की अपील
पुलिस ने सभी नागरिकों से अपील की है कि मोहर्रम को शांति और भाईचारे के साथ मनाएं। किसी भी प्रकार की असामाजिक गतिविधि या अफवाह को लेकर सतर्क रहें और ऐसी किसी भी जानकारी को तुरंत 112 या स्थानीय थाने पर साझा करें। पुलिस प्रशासन हर वक्त आपकी सेवा में तैयार है।
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