इटावा कथा विवाद में कथावाचकों पर केस दर्ज, फर्जी आधार कार्ड और जाति छुपाकर धोखाधड़ी करने का आरोप

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में कथा वाचकों से जुड़ा मामला अब और भी पेंचीदा और संवेदनशील होता जा रहा है। जहां पहले दांदरपुर गांव में कथावाचकों की पिटाई और अपमान का वीडियो वायरल हुआ था, अब उसी प्रकरण में कथावाचकों मुकुटमणि यादव और संत सिंह यादव के खिलाफ भी धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया गया है।

बकेवर थाने में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, दोनों कथावाचकों पर फर्जी आधार कार्ड बनवाने और जाति छुपाकर धार्मिक प्रवचन देने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, इन कथावाचकों के पास से ऐसे आधार कार्ड मिले हैं, जिनमें अग्निहोत्री सरनेम लिखा है और जाति ब्राह्मण दर्शाई गई है, जबकि असल में दोनों यादव समाज से ताल्लुक रखते हैं।

Etawah Katha controversy

वायरल वीडियो ने खोली परतें

एक वायरल वीडियो में ग्रामीण कथावाचकों से उनकी जाति पूछते नजर आ रहे हैं, लेकिन वे स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहे। जब उन्होंने अंततः खुद को यादव बताया, तो ग्रामीणों ने नाराज़गी जताई और आरोप लगाया कि अगर आप पहले ही सच बता देते, तो शायद यह बात आगे नहीं बढ़ती।

सिर मुंडवाने की घटना बनी थी सुर्खी

21 जून को दांदरपुर गांव में जब कथावाचक भागवत कथा के लिए पहुंचे, तब जाति छुपाने को लेकर विवाद हुआ और उनकी चोटी काट दी गई व सिर मुंडवा दिया गया। इस अपमानजनक घटना के बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

महिला ने लगाया छेड़छाड़ का आरोप

इस बीच इस प्रकरण में एक महिला ने कथावाचकों पर छेड़छाड़ का भी गंभीर आरोप लगाया है। पुलिस ने महिला की तहरीर पर अलग से मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि मामला बेहद संवेदनशील है और इसकी हर पहलू से निष्पक्ष जांच की जा रही है। प्रशासन किसी भी तरह की सांप्रदायिक या जातिगत तनाव की स्थिति से बचने के लिए हर स्तर पर सतर्क है।

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