लखनऊ में RTE नियमों की अनदेखी पर स्कूलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश
Sandesh Wahak Digital Desk: लखनऊ जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में निःशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 (RTE) की धारा 12(1)(C) के तहत वंचित और दिव्यांग बच्चों के प्रवेश प्रक्रिया की समीक्षा की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन स्कूलों ने अभी तक आरटीई के तहत प्रवेश नहीं दिया है या प्रवेशित बच्चों की संख्या बेहद कम है, उनके प्रधानाचार्यों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए।
मान्यता रद्द होने की कगार पर ये स्कूल
जिन स्कूलों को चेतावनी दी गई है, उनमें मुख्य रूप से सेठ एमआर जयपुरिया इंटर कॉलेज गोमती नगर, सिटी मॉन्टेसरी स्कूल लखनऊ, बाल गाइड स्कूल और जीडी गोयनका स्कूल लखनऊ शामिल हैं। इन स्कूलों को दी गई मान्यता वापस लेने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
छूटे हुए बच्चों को स्कूल पहुंचाने का अभियान
जिलाधिकारी ने बैठक में यह भी निर्देश दिया कि बाल श्रम या अन्य कारणों से शिक्षा से वंचित बच्चों को चिन्हित कर उन्हें नजदीकी स्कूलों में दाखिला दिलाया जाए। इसके लिए खंड शिक्षा अधिकारी (बीएसए) और खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को संयुक्त रूप से काम करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाए कि दाखिला लेने के बाद बच्चे नियमित रूप से स्कूल आएं।
आज ही जमा करनी होगी रिपोर्ट
जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों से आज ही उन बच्चों की सूची मांगी है, जिन्हें अभी तक स्कूल में प्रवेश नहीं मिला है। इसके अलावा, जिन स्कूलों ने आरटीई प्रावधानों का पालन नहीं किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन), जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, सभी खंड शिक्षा अधिकारी, नगर आयुक्त लखनऊ और जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता उपस्थित रहे। प्रशासन की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि “कोई भी स्कूल आरटीई के नियमों को नजरअंदाज नहीं कर सकता। जिन संस्थानों ने गरीब और दिव्यांग बच्चों को प्रवेश देने में कोताही बरती है, उन्हें कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।”
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