लखनऊ पुलिस की बड़ी कार्रवाई, टेलीग्राम के ज़रिए करोड़ों की साइबर ठगी करने वाला गैंग गिरफ्तार
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए आठ शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह टेलीग्राम ऐप के ज़रिए चीन से संचालित हो रहे साइबर ठगों के संपर्क में था और पूरे देश में डिजिटल अरेस्ट, टास्क फ्रॉड, वर्क फ्रॉम होम और ऑनलाइन क्रिप्टो ट्रेडिंग जैसे फर्जीवाड़ों के ज़रिए लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी कर रहा था।
इस गिरोह के सदस्यों ने ठगी की रकम को क्रिप्टो करेंसी (USDT) में बदलकर चीनी साइबर गिरोहों को भेजा। पुलिस ने इनके कब्जे से 1.75 लाख रुपये नकद, 12 मोबाइल फोन, 13 एटीएम कार्ड, 3 चेकबुक, और 2 पासबुक बरामद की हैं।

कैसे करते थे साइबर ठगी?
जांच में खुलासा हुआ है कि ये युवक टेलीग्राम पर चाइनीज साइबर फ्रॉड ग्रुप जैसे “32-105/1”, “PAYGir G0!” आदि से जुड़े हुए थे। इसके बाद ये देशभर के आर्थिक रूप से कमजोर लोगों से संपर्क कर उन्हें ज्यादा कमाई का झांसा देकर उनके बैंक खाते खुलवाते थे। इन खातों की चेकबुक, पासबुक, एटीएम कार्ड और नेट बैंकिंग की जानकारी लेकर ये चीनी ठगों को सौंप देते थे।
चीनी फ्रॉडस्टर्स इन खातों का इस्तेमाल कर ठगी की रकम मंगवाते और गिरोह के सदस्य तुरंत पैसा निकालकर एक हिस्सा कमीशन के रूप में रख लेते थे। बची हुई रकम को USDT क्रिप्टो करेंसी में बदलकर डिजिटल वॉलेट्स के ज़रिए विदेश भेज दिया जाता था।
देशभर से जुड़े हैं लाखों के साइबर फ्रॉड के तार
पुलिस जांच में सामने आया है कि जिन बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी में हुआ, वे हरियाणा, असम, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे राज्यों में दर्ज करीब 6 करोड़ रुपये की साइबर शिकायतों से जुड़े हुए हैं। इन राज्यों की पुलिस से संपर्क कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
गिरफ्तार किए गए आरोपी
- राहुल सोनकर (22), त्रिवेणीनगर, लखनऊ
- मोहम्मद सलमान (28), डालीगंज, लखनऊ
- देवांश शुक्ला (19), चौपटिया, लखनऊ
- राज रावत (21), त्रिवेणीनगर, लखनऊ
- फैज़ान (21), ठाकुरगंज, लखनऊ
- मोजिज़ (21), मंसूरनगर, लखनऊ
- अंकित यादव (22), फैजुल्लागंज, लखनऊ
- करन रावत (19), सीतापुर रोड, लखनऊ
बरामद सामान
- ₹1,75,000 नगद
- 12 मोबाइल फोन
- 13 एटीएम कार्ड
- 3 चेकबुक और 2 पासबुक
जांच में लगी पुलिस टीम
इस बड़ी कार्रवाई को साइबर क्राइम सेल और थाना साइबर क्राइम लखनऊ की संयुक्त टीम ने अंजाम दिया। टीम का नेतृत्व पुलिस आयुक्त अमरेन्द्र कुमार सेंगर के निर्देश पर किया गया, और इसमें कई वरिष्ठ अधिकारी व तकनीकी विशेषज्ञ शामिल थे।
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