संसद सत्र का तीसरा दिन, ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा का समय 9 घंटे बढ़ा
Sandesh Wahak Digital Desk: संसद के मानसून सत्र का आज, बुधवार को तीसरा दिन है। लोकसभा और राज्यसभा में कार्यवाही फिर से शुरू होगी, लेकिन राजनीतिक तनाव के चलते हंगामे की आशंका अभी भी बनी हुई है। इस बीच, राज्यसभा में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा के लिए समय को नौ घंटे तक बढ़ाया गया है। यह मुद्दा सदन का मुख्य केंद्र बना हुआ है।
दूसरे दिन भी जमकर हुआ हंगामा
मंगलवार को भी दोनों सदनों की कार्यवाही विपक्षी दलों के विरोध और हंगामे के कारण पूरे दिन के लिए स्थगित करनी पड़ी थी। इस हंगामे की मुख्य वजह दो प्रमुख मुद्दे थे।
बिहार में मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण (SIR): विपक्ष ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बिहार में चुनावों से पहले यह अभियान “पक्षपातपूर्ण और गलत” तरीके से चला रहा है।
उपराष्ट्रपति का इस्तीफा: उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ के अचानक इस्तीफे ने भी विपक्ष को हमलावर होने का मौका दे दिया।
लोकसभा और राज्यसभा दोनों में गतिरोध
सत्र के दूसरे दिन की शुरुआत में विपक्षी नेताओं ने संसद के ‘मकर द्वार’ के बाहर एक संयुक्त विरोध प्रदर्शन किया। इसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव जैसे बड़े नेता शामिल थे। वे हाथ में तख्तियां और पोस्टर लेकर चुनावी हेरफेर का आरोप लगा रहे थे।
राज्यसभा में उपसभापति हरिवंश ने जब कई विपक्षी सांसदों द्वारा लाए गए स्थगन प्रस्तावों को खारिज कर दिया, तो हंगामा शुरू हो गया। सांसद वेल में आ गए और नारे लगाने लगे, जिसके बाद राज्यसभा को पूरे दिन के लिए स्थगित करना पड़ा।
लोकसभा में भी स्थिति अलग नहीं थी। विपक्षी सांसदों ने SIR अभियान और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर बहस की मांग की, लेकिन लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने अनुमति नहीं दी। इसके बाद विरोध और हंगामा और बढ़ गया, जिसके चलते लोकसभा की कार्यवाही भी पूरे दिन के लिए रोक दी गई।
आज, तीसरे दिन, सबकी नज़रें इस बात पर टिकी होंगी कि क्या सदन में सार्थक चर्चा हो पाएगी, या गतिरोध ऐसे ही जारी रहेगा। राज्यसभा में दोपहर 12:30 बजे बिज़नेस एडवाइज़री कमेटी (BAC) की एक महत्वपूर्ण बैठक भी होगी, जिसमें आगे की कार्यवाही पर फैसला हो सकता है।
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