Cash For Query Scam: महुआ मोइत्रा की बढ़ीं मुश्किलें, CBI ने लोकपाल को सौंपी रिपोर्ट
Sandesh Wahak Digital Desk: तृणमूल कांग्रेस (TMC) की तेज़तर्रार सांसद महुआ मोइत्रा एक बार फिर कैश फॉर क्वेरी (Cash For Query Scam) मामले को लेकर विवादों में घिर गई हैं। CBI (केंद्रीय जांच ब्यूरो) ने इस बहुचर्चित केस में अपनी जांच रिपोर्ट लोकपाल को सौंप दी है, जिसमें महुआ पर संसद में सवाल पूछने के बदले पैसे और गिफ्ट्स लेने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
क्या है पूरा मामला?
इस मामले की शुरुआत 2023 में हुई थी, जब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे और सुप्रीम कोर्ट के वकील जय अनंत देहाद्री ने लोकपाल में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया था कि महुआ मोइत्रा ने दुबई के कारोबारी दर्शन हीरानंदानी से कैश, महंगे उपहार और संसद का लॉगिन आईडी लेकर बदले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गौतम अडानी पर निशाना साधते हुए सवाल पूछे। इसके बाद CBI ने 21 मार्च 2023 को महुआ और हीरानंदानी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज की थी।
CBI रिपोर्ट में क्या कहा गया है?
- महुआ मोइत्रा ने अपने सांसद होने का दुरुपयोग किया।
- उन्होंने लॉगिन क्रेडेंशियल्स शेयर करके संसद की गोपनीयता और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डाला।
- बदले में उन्होंने नकद और महंगे तोहफे लिए।
- ये सब एक कारोबारी समूह के हित में संसद में सवाल पूछने के लिए किया गया।
लोकसभा से हो चुकी हैं निष्कासित
दिसंबर 2023 में इन्हीं आरोपों के आधार पर महुआ मोइत्रा को अनैतिक आचरण का दोषी मानते हुए लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया था। हालांकि महुआ ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी और कहा कि उन्हें अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया, और यह कार्रवाई राजनीतिक साजिश के तहत की गई।
CBI की रिपोर्ट लोकपाल के पास पहुंच चुकी है। अब लोकपाल यह तय करेगा कि इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होनी चाहिए। इसमें महुआ पर मुकदमा चलाने की अनुमति से लेकर, अगली जांच प्रक्रिया पर निर्णय लिया जाएगा।
2024 में दोबारा सांसद बनीं
हालांकि इन तमाम विवादों के बावजूद महुआ मोइत्रा ने 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी अमृता रॉय को हराया, और TMC सांसद के रूप में फिर से संसद पहुंचीं। वह इस समय भी पार्टी की सक्रिय सांसद बनी हुई हैं।
Also Read: श्रीनगर के हरवान में ‘ऑपरेशन महादेव’ की बड़ी सफलता, तीन आतंकी ढेर,…

