Balrampur News: पचपेड़वा में अवैध क्लीनिकों का जाल, मरीजों की जान से हो रहा खिलवाड़
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले का पचपेड़वा क्षेत्र इन दिनों बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था की वजह से चर्चा में है। यहां न सिर्फ सरकारी अस्पताल खस्ताहाल हैं, बल्कि बिना किसी नियम-कानून के चल रहे निजी क्लीनिक भी लोगों की जान के लिए खतरा बन गए हैं। हाल ही में एक गर्भवती महिला और उसके नवजात शिशु की मौत ने इस पूरे सिस्टम की पोल खोल दी है।
अवैध क्लीनिकों में गर्भवती महिला की मौत
बताया जा रहा है कि 27 जुलाई को मिशा हेल्थ सेंटर में एक गर्भवती महिला को भर्ती कराया गया था। लेकिन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में ऑक्सीजन जैसी जरूरी सुविधा न होने के कारण उसे जबरन बाहर भेज दिया गया। महिला को एक अवैध क्लीनिक में ले जाया गया, जहाँ सुविधाओं की कमी के चलते ऑपरेशन के दौरान माँ और बच्चे, दोनों की मौत हो गई। इस घटना से साफ होता है कि यहाँ स्वास्थ्य विभाग कितनी लापरवाही बरत रहा है।
अपराधों का गढ़ बने ये अवैध क्लीनिक
पचपेड़वा में 50 से ज़्यादा मेडिकल संस्थान हैं, जिनमें से 90% क्लीनिक बिना किसी लाइसेंस या योग्य डॉक्टर के चल रहे हैं। ये क्लीनिक न सिर्फ नियमों की धज्जियाँ उड़ा रहे हैं, बल्कि आपराधिक गतिविधियों का अड्डा भी बन चुके हैं। हाल ही में एक निजी अस्पताल में एक महिला मरीज के साथ नशीला इंजेक्शन देकर बलात्कार का मामला सामने आया है। इसके अलावा, यहाँ नवजात बच्चों की चोरी की घटनाएँ भी हो चुकी हैं, जिससे लोगों में डर का माहौल है।
भाजपा नेता का आरोप: अधीक्षक नशे में रहते हैं, सीबी-सीआईडी जांच की मांग
भाजपा के अनुसूचित मोर्चा, पचपेड़वा के मंडल अध्यक्ष दद्दन कुमार गौतम ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा है कि इन अवैध क्लीनिकों को तुरंत बंद किया जाए और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉ. विजय कुमार को निलंबित करके जाँच कराई जाए। भाजपा नेता ने डॉ. विजय पर ड्यूटी के दौरान शराब पीने और काम में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। गौतम ने यह भी मांग की है कि इस पूरे मामले की जाँच सीबी-सीआईडी से कराई जाए ताकि अवैध वसूली और आपराधिक मामलों का खुलासा हो सके।
रिपोर्ट : योगेंद्र त्रिपाठी
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