RBI’s New Proposal: मृतक ग्राहकों के खाते 15 दिन में निपटाने होंगे, देरी पर बैंक को देना होगा मुआवजा
Sandesh Wahak Digital Desk: भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने मृतक ग्राहकों के बैंक खाते, लॉकर या कीमती सामान के दावों को जल्द और आसान तरीके से निपटाने के लिए नया प्रस्ताव जारी किया है। मसौदा परिपत्र “बैंकों के मृत ग्राहकों के दावों का निपटान निर्देश, 2025” के तहत, बैंक को सभी आवश्यक दस्तावेज मिलने के बाद 15 दिनों के भीतर दावा निपटाना होगा। नियम का उल्लंघन होने पर बैंक को नामांकित व्यक्ति या कानूनी उत्तराधिकारी को मुआवजा देना पड़ेगा। यह नियम 1 जनवरी 2026 से या उससे पहले लागू हो सकता है, जबकि इस पर सुझाव 27 अगस्त 2025 तक मांगे गए हैं।
फॉर्म का उपयोग करना होगा
नए प्रस्ताव के अनुसार, सभी बैंकों को एक जैसे फॉर्म का उपयोग करना होगा और आवश्यक दस्तावेजों की सूची अपनी वेबसाइट व शाखाओं में उपलब्ध करानी होगी। अगर खाते या लॉकर में नामांकित व्यक्ति (नॉमिनी) है, तो दावा करने के लिए केवल तीन दस्तावेज देने होंगे—दावा फॉर्म, मृत्यु प्रमाण पत्र और पहचान/पते का प्रमाण।
यदि नॉमिनी नहीं है, तो 15 लाख रुपये तक के दावों के लिए सरल प्रक्रिया अपनाई जाएगी, हालांकि इसमें कुछ अतिरिक्त दस्तावेज देने होंगे। 15 लाख रुपये से अधिक राशि के दावों के लिए कानूनी प्रमाण पत्र या शपथ-पत्र अनिवार्य होगा।
प्रतिदिन 5,000 रुपये का मुआवजा देना पड़ेगा
देरी होने पर बैंक को ब्याज या जुर्माना देना होगा। बैंक खातों के मामलों में सालाना 4% की दर से ब्याज चुकाना होगा, जबकि लॉकर के मामलों में प्रतिदिन 5,000 रुपये का मुआवजा देना पड़ेगा। आरबीआई का कहना है कि यह कदम ग्राहकों के हितों की सुरक्षा और बैंकों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है, ताकि मृतक ग्राहकों के परिजनों को समय पर और बिना परेशानियों के उनकी जमा राशि या कीमती सामान मिल सके। यह बदलाव देशभर में एक समान प्रक्रिया लागू करेगा, जिससे पारदर्शिता और सुविधा दोनों में वृद्धि होगी।
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