लखनऊ में नौकरियों का महाकुंभ, अनिल राजभर ने बताया कैसे 15,000 युवाओं को विदेश में मिलेगी नौकरी?
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए खुशखबरी है! राजधानी लखनऊ में 26 से 28 अगस्त तक एक भव्य ‘रोजगार महाकुंभ’ का आयोजन किया जा रहा है। इसका लक्ष्य 50,000 युवाओं को नौकरी देना है, जिसमें 15,000 से ज़्यादा नौकरियां विदेश के लिए होंगी। इस महाकुंभ के प्रचार के लिए श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने विधान सभा से ‘रोजगार रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
देश-विदेश की कंपनियां होंगी शामिल
मंत्री ने बताया कि इस महाकुंभ में 100 से अधिक कंपनियां हिस्सा लेंगी, जिनमें से 20 अंतरराष्ट्रीय कंपनियाँ होंगी। इन कंपनियों के माध्यम से लगभग 35,000 नौकरियां देश की प्रमुख कंपनियों में मिलेंगी, जबकि 15,000 से ज़्यादा युवाओं को विदेश में नौकरी के अवसर मिलेंगे। खाड़ी देशों के अलावा, जापान, जर्मनी और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देशों में भी प्लेसमेंट की अच्छी संभावनाएँ हैं। हाल ही में, उत्तर प्रदेश के 5,978 निर्माण श्रमिकों को इज़राइल भेजा गया है, जिसकी काफी सराहना हो रही है।
AI और स्वरोजगार पर होगा खास ध्यान
सेवायोजन विभाग की निदेशक नेहा प्रकाश ने बताया कि इस महाकुंभ का एक खास आकर्षण AI प्रशिक्षण मंडप होगा। यहाँ युवाओं को डिजिटल कौशल और AI-आधारित जॉब-तैयारी के बारे में बताया जाएगा। इसके अलावा, राज्य के स्टार्टअप्स अपने नवाचारों को प्रदर्शित करेंगे और ‘मुख्यमंत्री युवा स्टॉल’ पर स्वरोजगार योजनाओं की जानकारी भी दी जाएगी।
श्रम विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. एमके शन्मुगा सुंदरम ने बताया कि उनका लक्ष्य 1 लाख से ज़्यादा युवाओं का पंजीकरण कराना है। इस महाकुंभ में 10,000 से ज़्यादा ऑफर लेटर तुरंत दिए जाएंगे, जिसमें 2,000 से ज़्यादा विदेशी नौकरियों के होंगे। कुछ विदेशी नौकरियों में तो 1.50 लाख रुपये तक का वेतन भी मिल सकता है।
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