अमित शाह ने पेश किए तीन अहम विधेयक, विपक्ष ने लगाया पुलिस राज बनाने का आरोप

Sandesh Wahak Digital Desk: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को लोकसभा में तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए, जिनका मकसद आपराधिक आरोपों में गिरफ्तार मंत्रियों को पद से हटाने के लिए कानूनी ढांचा तैयार करना है। हालांकि, इन विधेयकों का AIMIM सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने कड़ा विरोध किया।

क्या हैं तीनों विधेयक

1. संविधान (एक सौ तीसवां संशोधन) विधेयक, 2025: यह विधेयक संविधान के अनुच्छेद 75, 164 और 239AA में संशोधन का प्रस्ताव करता है। इसका उद्देश्य प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, राज्यों के मुख्यमंत्री या किसी भी मंत्री को गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तारी या हिरासत में लिए जाने पर उनके पद से हटाने का कानूनी प्रावधान बनाना है।

2. केंद्र शासित प्रदेश सरकार (संशोधन) विधेयक, 2025: यह विधेयक यूनियन टेरिटरीज एक्ट, 1963 की धारा 45 में बदलाव करेगा। इसके तहत केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री या मंत्रियों को गंभीर आपराधिक आरोपों में गिरफ्तार होने पर पद से हटाने का प्रावधान जोड़ा जाएगा।

3. जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2025: यह विधेयक जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम, 2019 की धारा 54 में संशोधन करता है। इसका मकसद जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री या मंत्रियों को गंभीर आपराधिक मामलों में गिरफ्तार होने पर 30 दिनों के भीतर पद से हटाना है।

विपक्ष ने जताया कड़ा विरोध

असदुद्दीन ओवैसी ने इन विधेयकों का पुरजोर विरोध करते हुए कहा कि ये ‘शक्तियों के पृथक्करण’ के सिद्धांत का उल्लंघन करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस राज बनाने की कोशिश कर रही है और ये विधेयक निर्वाचित सरकारों के लिए मौत की कील साबित होंगे। ओवैसी ने कहा कि यह सरकार कार्यकारी एजेंसियों को मनमाने ढंग से लोगों को जेल भेजने का अधिकार दे रही है।

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