आसाराम ने जोधपुर जेल में किया सरेंडर, राजस्थान हाई कोर्ट ने जमानत अवधि बढ़ाने से किया इनकार

Sandesh Wahak Digital Desk: नाबालिग से बलात्कार के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम ने शनिवार को जोधपुर सेंट्रल जेल में सरेंडर कर दिया है। यह कदम उन्हें तब उठाना पड़ा जब राजस्थान हाई कोर्ट ने उनकी अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने से साफ इनकार कर दिया।

आसाराम को जनवरी 2025 में पहली बार 12 साल बाद स्वास्थ्य कारणों के चलते अंतरिम जमानत मिली थी। उन्होंने अपनी जमानत की अवधि और बढ़ाने की गुहार लगाई थी। हालांकि, जस्टिस दिनेश मेहता और जस्टिस विनीत कुमार माथुर की खंडपीठ ने इस याचिका को खारिज कर दिया। कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट के अनुसार, आसाराम की तबीयत स्थिर है और उन्हें अस्पताल में भर्ती रहने या लगातार इलाज की जरूरत नहीं है।

अहमदाबाद के सिविल हॉस्पिटल के मेडिकल बोर्ड ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि आसाराम ने पिछले कुछ महीनों में इलाज के लिए अलग-अलग शहरों में कई यात्राएं कीं और विभिन्न अस्पतालों में सलाह भी ली, लेकिन किसी भी अस्पताल में नियमित रूप से फॉलोअप नहीं कराया। कोर्ट ने आसाराम के वकील की उस दलील को भी नहीं माना, जिसमें उन्होंने एम्स जोधपुर की रिपोर्ट का हवाला देते हुए स्वास्थ्य में गिरावट की बात कही थी।

जमानत के दौरान बेटे से भी मिले

करीब साढ़े सात महीने की इस जमानत अवधि के दौरान आसाराम ने 11 साल बाद अपने बेटे नारायण साईं से भी मुलाकात की थी। नारायण साईं 25 जून को सूरत जेल से जोधपुर स्थित आसाराम के आश्रम पहुंचे थे।

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