Azamgarh News: मनरेगा में ‘पोखरी घोटाला’, 4 अधिकारी दोषी, 3.78 लाख रुपये का गबन
Azamgarh News: जिले में मनरेगा योजना के तहत हो रहे कामों में भारी वित्तीय अनियमितता का एक बड़ा मामला सामने आया है। जहानागंज ब्लॉक की कुंजी ग्राम पंचायत में ‘पोखरी खुदाई’ के नाम पर लाखों रुपये का घोटाला उजागर हुआ है। एक शिकायत के बाद हुई जांच में यह पाया गया कि बिना कोई काम किए ही 3.78 लाख रुपये से ज्यादा की रकम निकाल ली गई। इस घोटाले में चार अधिकारी सीधे तौर पर दोषी पाए गए हैं।
पोखरी नहीं खुदी, खजाना लूट लिया
यह पूरा मामला तब सामने आया जब गांव के ही शिकायतकर्ता रामनवल ने जिला प्रशासन से शिकायत की। इसके बाद जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने एक उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन किया। टीम ने जब मौके पर जाकर पड़ताल की, तो हैरान करने वाला खुलासा हुआ। रिपोर्ट में साफ-साफ लिखा गया है कि जिस पोखरी की खुदाई के नाम पर लाखों का भुगतान किया गया, वह जमीन पर कहीं मौजूद ही नहीं है। जांच में पता चला कि मस्टररोल और एमबी में फर्जीवाड़ा करके चार किस्तों में कुल ₹3,78,713 का भुगतान कर दिया गया था।
ये 4 अधिकारी हैं गबन के दोषी
जांच रिपोर्ट में इस बड़े घोटाले के लिए चार अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया गया है, जिन्होंने मिलकर सरकारी खजाने को चूना लगाया:
- जनार्दन सिंह, तत्कालीन सहायक विकास अधिकारी (सेवानिवृत्त) – ₹75,777
- राजेश कुमार, सहायक विकास अधिकारी (आईएसबी) – ₹49,245
- मनोज कुमार सिंह, ग्राम पंचायत अधिकारी – ₹1,25,022
- प्रमोद कुमार सिंह, तकनीकी सहायक – ₹1,25,022
DM ने दिए सख्त कार्रवाई के आदेश
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने जिला विकास अधिकारी, उपायुक्त श्रम रोजगार (मनरेगा) और जिला पंचायत राज अधिकारी को तत्काल प्रभाव से सभी दोषी अधिकारियों के खिलाफ नियमों के अनुसार कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इस घटना के बाद जिले के सभी ग्राम पंचायतों और संबंधित विभागों में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि जल्द ही दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
रिपोर्ट- राम अवतार उपाध्याय
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