गैंगस्टर से राजनेता बने अरुण गवली 17 साल बाद जेल से रिहा, सुप्रीम कोर्ट ने दी जमानत
Sandesh Wahak Digital Des: गैंगस्टर से राजनेता बने अरुण गवली 17 साल बाद बुधवार को नागपुर की सेंट्रल जेल से बाहर आ गए। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें शिवसेना पार्षद कमलाकर जामसांडेकर हत्याकांड में चल रही उम्रकैद की सजा पर जमानत दी है।
76 साल के अरुण गवली ने अपनी जिंदगी के 17 साल जेल में काटे हैं। उनकी जमानत पर फैसला न्यायमूर्ति एमएम सुंदरेश और एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने उनकी लंबी कैद को देखते हुए सुनाया। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट में अभी भी उनकी अपील पर सुनवाई चल रही है।
जेल से बाहर आने पर गवली का उनके परिवार, वकील और समर्थकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। गवली पर MCOCA (महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम) के तहत केस दर्ज हुआ था।
गवली को भायखला की मशहूर दगड़ी चॉल से पहचान मिली थी। उन्होंने अखिल भारतीय सेना नाम का राजनीतिक संगठन भी बनाया था और 2004 से 2009 तक मुंबई के चिंचपोकली से विधायक भी रहे। अगस्त 2012 में मुंबई की एक सत्र अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास और 17 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी।
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