सीएम योगी ने अनुदेशकों को सौंपे नियुक्ति पत्र, बोले– योग्यता और क्षमता पर ही मिलेगा रोजगार
Sandesh Wahak Digital Desk: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राजधानी के लोक भवन में आयोजित समारोह में 1510 चयनित अनुदेशकों को नियुक्ति पत्र सौंपे। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की हाल ही में पूरी हुई भर्ती प्रक्रिया में इन अनुदेशकों का चयन किया गया है।
योग्यता और क्षमता के आधार पर नौकरी
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि युवाओं को योग्यता और क्षमता के आधार पर नौकरी मिले। किसी भी स्तर पर पक्षपात या शोषण की गुंजाइश नहीं है। उन्होंने बताया कि मिशन रोजगार के तहत बीते आठ वर्षों में प्रदेश में 8.5 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं।
सीएम ने उत्तर प्रदेश के आर्थिक इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि 1947 में आजादी के समय यूपी भारत की अर्थव्यवस्था में पहले स्थान पर था, लेकिन गलत नीतियों और वोट बैंक की राजनीति ने प्रदेश को पीछे धकेल दिया। 2017 के बाद सरकार ने पारदर्शी भर्तियों और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी है।
समारोह में व्यावसायिक शिक्षा मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह अवसर न सिर्फ चयनित अभ्यर्थियों के जीवन में नया आत्मविश्वास भरेगा बल्कि यह साबित करेगा कि योग्यता के आधार पर युवाओं को रोजगार देना ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आईटीआई में 92 ट्रेड में प्रशिक्षण
प्रदेश के 286 राजकीय आईटीआई में इस समय 1.84 लाख सीटें हैं। इनमें 7768 अनुदेशक के पद स्वीकृत हैं। वर्ष 2022 में रिक्त 2406 पदों पर भर्ती शुरू हुई थी, जिसमें से 1510 का चयन पूरा हो गया है। शेष 341 पदों का परिणाम भी जल्द घोषित होने की संभावना है। कुल 1851 नए अनुदेशक विभाग को उपलब्ध होंगे।
सरकार ने आठ वर्षों में 60 से अधिक नए आईटीआई स्थापित किए हैं। आधुनिक तकनीकों जैसे सेमीकंडक्टर, ईवी, सीएनसी, थ्री डी प्रिंटिंग और डिजिटल कम्युनिकेशन में युवाओं को प्रशिक्षित करने की योजना पर भी तेजी से काम हो रहा है। रोजगार मेलों के जरिए अब तक 4.13 लाख से अधिक युवाओं को कंपनियों में नौकरी का अवसर दिया जा चुका है।
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