फर्जीवाड़े पर सीएम योगी सख्त, प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों व कॉलेजों की जांच के आदेश
Sandesh Wahak Digital Desk: प्रदेश में उच्च शिक्षा में फैले फर्जीवाड़े पर सीएम योगी की नजरें टेढ़ी हो गयी हैं। सीएम ने सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों और शैक्षणिक संस्थानों में संचालित पाठ्यक्रमों की मान्यता-प्रवेश प्रक्रिया की जांच के आदेश दिए हैं।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश है कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर जिले में जांच पूरी करने के बाद 15 दिन के भीतर शासन को पूरी रिपोर्ट भेजनी होगी। जांच के मुखिया मंडलायुक्त होंगे। हालांकि मानक के हिसाब से शिक्षक न होने की भी शिकायत आती रही है। इसे लेकर उच्च शिक्षा परिषद ने भी कुछ दिन जांच टीम गठित की थी, लेकिन विश्वविद्यालयों में प्रवेश प्रक्रिया चलने की वजह से परिषद की जांच शुरू नहीं हो पाई। प्रदेश में 47 निजी विश्वविद्यालयों में करीब 2 लाख 80 हजार से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। कई संस्थानों के खिलाफ शिकायतें आती रही हैं। हाल ही में मोनाड विवि का फ्रॉड बेनकाब हुआ था। सोमवार शाम प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा एमपी अग्रवाल ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं।
कोर्स की मान्यता और प्रवेश प्रक्रिया की होगी जांच
फिलहाल सीएम के निर्देश पर बनने जा रहीं यह टीमें जमीनी स्तर पर जाकर संस्थानों की जांच करेंगी और यह देखेगी कि प्रवेश और पाठ्यक्रम संचालन नियमों के अनुसार हो रहे हैं या नहीं। जांच के दौरान सभी शैक्षणिक संस्थानों से शपथ पत्र लेना अनिवार्य होगा। इस शपथपत्र में संस्थानों को यह साफ-साफ बताना होगा कि वे केवल उन्हीं कोर्स का संचालन कर रहे हैं जिन्हें विश्वविद्यालय, बोर्ड या संबंधित नियामक निकाय से मान्यता प्राप्त है। साथ ही, संस्थानों को संचालित सभी कोर्सों की सूची और उनके मान्यता-पत्र भी प्रस्तुत करने होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि किसी भी छात्र का दाखिला बिना मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम में नहीं होना चाहिए। अगर जांच में यह पाया गया कि किसी संस्थान ने बिना मान्यता प्राप्त कोर्स शुरू किया है या अवैध प्रवेश लिया है, तो उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे संस्थानों को छात्रों से वसूली गई पूरी फीस ब्याज सहित वापस करनी होगी। मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि अगर किसी स्तर पर ढिलाई पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और संस्थानों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।
सीएम से मिले थे एबीवीपी के पदाधिकारी
फर्जी मान्यता और अवैध प्रवेश की शिकायतें नई नहीं हैं। कुछ दिन पहले बाराबंकी के श्रीराम स्वरूप विश्वविद्यालय में विधि कोर्स की मान्यता को लेकर प्रदर्शनरत छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ था। रविवार को एबीवीपी के पदाधिकारियों ने सीएम से मिलकर मामलों की जानकारी दी। इसके बाद ही मुख्यमंत्री ने जांच के निर्देश दिए। इससे पहले हापुड़ की मोनाड यूनिवर्सिटी में पैसा लेकर फर्जी डिग्री देने का मामला सामने आया था।
पोर्टल से जुड़ेंगे निजी विश्वविद्यालय : उच्च शिक्षा मंत्री
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि विशेष समिति गठित की गई है। समिति सभी निजी विश्वविद्यालयों से शपथ पत्र लेगी, जिसमें उन्हें यह स्पष्ट करना होगा कि उनके यहां कौन-कौन से कोर्स संचालित हैं, उनकी मान्यता की स्थिति क्या है और उनमें कितने छात्र पढ़ रहे हैं। साथ ही अब एक नया पोर्टल तैयार किया जा रहा है। यह पोर्टल समर्थ पोर्टल की तरह होगा और इसमें सभी निजी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को जोड़ा जाएगा।

