Raebareli News: टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ शिक्षकों का प्रदर्शन, पीएम को भेजा ज्ञापन
Raebareli News: सुप्रीम कोर्ट द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के लिए टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) पास करना अनिवार्य किए जाने के आदेश के बाद विरोध तेज हो गया है। सोमवार को जिलेभर के हजारों शिक्षक सड़क पर उतरे और जोरदार प्रदर्शन किया।
शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता न थोपी जाए
राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (आरएसएम) के बैनर तले शिक्षक विकास भवन में जुटे और जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री व शिक्षा मंत्री को ज्ञापन सौंपा। उनकी मांग है कि शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता न थोपी जाए।
प्रदेश अध्यक्ष शिव शंकर सिंह ने कहा कि 29 जुलाई 2011 से पहले की गई नियुक्तियां उस समय की पात्रता शर्तों के आधार पर हुई थीं। ऐसे में अब टीईटी की अनिवार्यता लगाना शिक्षकों के सम्मान के खिलाफ है। उन्होंने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश केवल शिक्षा का अधिकार कानून लागू होने के बाद नियुक्त शिक्षकों पर लागू किया जाए।
नौकरी गंवानी पड़ सकती है
वहीं जिलाध्यक्ष वीरेंद्र सिंह ने कहा कि इस फैसले से सबसे ज्यादा प्रभावित वे शिक्षक होंगे जिनकी उम्र 50 से 55 साल के बीच है। ऐसे शिक्षकों के लिए अब पढ़ाई कर परीक्षा पास करना बेहद कठिन है। उन्होंने कहा कि इस उम्र में नौकरी के दौरान टीईटी थोपना अन्यायपूर्ण है, क्योंकि नाकाम रहने पर उन्हें नौकरी गंवानी पड़ सकती है।
शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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