Lucknow News: यूपी और नजदीकी राज्यों के मरीजों के लिए लखनऊ बन रहा मेडिकल हब
Lucknow News: अपोलोमेडिक्स सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ ने लीवर ट्रांसप्लांट और हेपेटो-पैंक्रिएटो-बिलियरी (एचपीबी) सर्जरी के लिए विशेष “कॉम्प्रिहेंसिव लीवर डिजीज क्लिनिक” का शुभारंभ किया।
इस क्लिनिक में डॉ. अभिषेक यादव (सीनियर डायरेक्टर एवं हेड – लीवर ट्रांसप्लांट एवं एचपीबी सर्जरी), डॉ. राजीव रंजन सिंह (डायरेक्टर गैस्ट्रोएंटरोलॉजी), डॉ. जयेन्द्र शुक्ला और डॉ. उत्कर्ष श्रीवास्तव (कंसल्टेंट लीवर ट्रांसप्लांट और गैस्ट्रो सर्जन) की विशेषज्ञ टीम मरीजों को हर जटिल लीवर रोग में मार्गदर्शन और भरोसेमंद सलाह प्रदान करेगी।
राज्य में केवल चार लीवर ट्रांसप्लांट सेंटर
डॉ. अभिषेक यादव ने बताया कि भारत में हर साल 2.5 से 3 लाख लोग लीवर रोगों के कारण अपनी जान गंवाते हैं। लीवर रोग अब देश में मृत्यु का आठवां सबसे आम कारण बन चुका है। जबकि भारत में सालाना केवल 2,500–3,000 लीवर ट्रांसप्लांट ही किए जाते हैं, जो वास्तविक ज़रूरत का केवल 1–2% ही हैं। उत्तर प्रदेश में सालाना लगभग 50,000-60,000 लोग लीवर रोगों के कारण मृत्युमुखी होते हैं, लेकिन राज्य में केवल चार लीवर ट्रांसप्लांट सेंटर हैं।
“यह क्लिनिक यूपी और नजदीकी राज्यों के लीवर मरीजों के लिए 24×7 विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराएगा। अपोलो की टीम द्वारा किए गए ट्रांसप्लांट की सफलता दर 95% से अधिक है और हमारे पास देशभर के 75 से अधिक अस्पतालों का नेटवर्क है।”
डॉ. मयंक सोमानी, एमडी और सीईओ अपोलोमेडिक्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल
5 महीने के बच्चे का सफल लीवर ट्रांसप्लांट किया
डॉ. यादव ने अब तक 2,000 से अधिक सफल लीवर ट्रांसप्लांट और 4,000 से अधिक जटिल एचपीबी और गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी की हैं। उन्होंने मध्य भारत में पहला लिविंग डोनर कंबाइंड लीवर और किडनी ट्रांसप्लांट और 5 महीने के बच्चे का सफल लीवर ट्रांसप्लांट किया है।
इस क्लिनिक का उद्देश्य मरीजों और उनके परिवारों को जटिल लीवर मामलों में सही और भरोसेमंद जानकारी देना है, ताकि वे सुरक्षित और प्रभावी उपचार विकल्प चुन सकें। अपोलोमेडिक्स का यह कदम लखनऊ को उत्तर प्रदेश और आसपास के राज्यों के लिए मेडिकल हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
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