Bahraich News: 4 बच्चों की मौत के बाद भेड़ियों से सुरक्षा के लिए महिलाएं खुद संभाल रहीं मोर्चा
Bahraich News: बहराइच जिले में भेड़ियों का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि अब अपने बच्चों की जान बचाने के लिए ग्रामीण इलाकों की महिलाएँ खुद मैदान में उतर आई हैं। महीनों से चल रहे हमलों से तंग आकर, इन माताओं ने हाथों में फरसा, लाठी और डंडा थाम लिया है और रात-रात भर जागकर अपने बच्चों और परिवार की सुरक्षा कर रही हैं।
सुनसान इलाकों से निकलकर ये खूंखार जानवर, खासकर मासूम बच्चों को अपना निशाना बना रहे हैं। ग्रामीणों का गुस्सा इस बात पर है कि इतने महीनों बाद भी वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की तरफ से कोई कारगर कदम नहीं उठाया गया है।
पहरा दे रही महिलाओं का कहना है कि जब तक ये नरभक्षी भेड़िए पिंजरे में कैद नहीं हो जाते, तब तक उन्हें चैन की नींद नहीं आएगी। स्थानीय महिला मीना देवी ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया, भेड़िए और तेंदुओं के कारण हमें फरसा लेकर पहरा देना पड़ रहा है। ये खतरनाक जानवर घर में घुसकर बच्चों पर हमला करते हैं। तीन दिन पहले भी मेरे बच्चों पर हमला हुआ था। हमने लाठी-डंडों से उन्हें बचाया, वरना ये जानवर बच्चों को ले जाते।
एक अन्य महिला चंद्रकांती ने बताया कि एक रात भेड़िए ने उन पर भी हमला किया था, लाठी-डंडों की मदद से किसी तरह जान बची और फिर उन्होंने बच्चों समेत पूरे परिवार को कमरे में बंद कर लिया। गाँव की अन्य महिलाएँ भी इसी तरह रातभर जागकर बच्चों की सुरक्षा कर रही हैं। बहराइच के जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने भेड़ियों के हमलों में अब तक 4 बच्चों की मौत की पुष्टि की है। जिलाधिकारी ने बताया कि कुछ लोगों को मामूली चोटें आई थीं, जबकि दो अन्य घायल व्यक्ति अस्पताल में भर्ती हैं, और फिलहाल वे खतरे से बाहर हैं।
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