पीएम मोदी ने आईटीआई के टॉपर्स को किया सम्मानित, पीएम-सेतु योजना लॉन्च

Sandesh Wahak Digital Desk: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को विज्ञान भवन में आयोजित एक समारोह में आईटीआई (औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान) के टॉपर्स को सम्मानित किया। इस दौरान उन्होंने 62,000 करोड़ रुपये से अधिक की युवा-केंद्रित शिक्षा एवं कौशल विकास परियोजनाओं का भी शुभारंभ किया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह समारोह इस बात का प्रतीक है कि भारत अब कौशल विकास (Skill Development) को कितना महत्व देता है।

श्रम को प्रतिष्ठा देना जरूरी

आईटीआई के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने कुछ साल पहले आईटीआई छात्रों के लिए दीक्षांत समारोह आयोजित करने की परंपरा शुरू की थी। उन्होंने कहा, इस दीक्षांत समारोह के पीछे का विचार यही था कि जब तक हम श्रम को प्रतिष्ठा नहीं देंगे, हुनर के लिए जो लोग काम करते हैं, जिनमें सामर्थ्य है, उनका सार्वजनिक जीवन में सम्मान नहीं होगा तो शायद वो अपने आप को कम महसूस करेगा।

पीएम मोदी ने आईटीआई को आत्मनिर्भर भारत की कार्यशालाएं बताते हुए कहा कि भारत ज्ञान और कौशल का देश है और यही बौद्धिक शक्ति हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने 60 हजार करोड़ रुपये के निवेश से देश भर के 1,000 सरकारी आईटीआई के उन्नयन के लिए ‘पीएम-सेतु’ (PM-SETU) योजना का शुभारंभ किया। पीएम मोदी ने खासकर बिहार के युवाओं की भी जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि बिहार उन राज्यों में से एक है, जहाँ आबादी के अनुपात में सबसे अधिक युवा हैं। इसलिए बिहार के युवाओं का सामर्थ्य बढ़ना स्वाभाविक रूप से देश की ताकत को बढ़ाता है।

बिहार के लिए प्रधानमंत्री ने कई सौगातें दीं

मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता योजना का संशोधित स्वरूप लॉन्च किया गया, जिसके तहत दो साल के लिए 5 लाख स्नातकों को 1000 रुपये का मासिक भत्ता मिलेगा।

बिहार में जन नायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया गया।

बिहार के चार विश्वविद्यालयों में नई शैक्षणिक और अनुसंधान सुविधाओं की आधारशिला रखी गई।

बिहटा में एनआईटी पटना के नए परिसर का उद्घाटन किया गया।

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