मनरेगा घोटाला: चंदौली में अपात्र मजदूरों के नाम पर लाखों की लूट का आरोप

Chandauli News: उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले के नौगढ़ विकास खंड की सोनवार ग्राम पंचायत में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम) योजना में बड़े घोटाले का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता सीताराम, जो स्वयं एक भूमिहीन मजदूर हैं, ने आरोप लगाया कि ग्राम प्रधान, पंचायत मित्र और ग्राम पंचायत अधिकारी मिलकर अपात्र व्यक्तियों को मनरेगा मजदूर बनाकर सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहे हैं।

लाखों रुपए की मजदूरी का गबन

सीताराम का कहना है कि जिन गरीब और जरूरतमंद लोगों को वास्तव में काम मिलना चाहिए था, उन्हें काम से वंचित रखा गया। इसके विपरीत संपन्न काश्तकार, दुकानदार और यहां तक कि चलने-फिरने में असमर्थ लोग भी मजदूरों की सूची में शामिल हैं और उनके नाम पर लाखों रुपए की मजदूरी का गबन किया जा रहा है। शिकायत के अनुसार, जब सीताराम ने योजना के तहत काम मांगा तो उनसे ’सुविधा शुल्क’ (रिश्वत) मांगी गई, और न देने पर उन्हें काम से रोक दिया गया।

असली हकदारों को काम नहीं मिल रहा

मनरेगा का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को साल में 100 दिन रोजगार देना है। हालांकि, सोनवार गांव में इस योजना के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। शिकायत में बताया गया कि कई विकलांग और बीमार लोग, दुकानदार और संपन्न किसान भी मजदूरी ले रहे हैं, जबकि असली हकदारों को काम नहीं मिल रहा। फर्जी हाजिरी के जरिए सरकारी धन का गबन किया जा रहा है।

सीताराम ने कहा कि उन्होंने पहले ही मुख्यमंत्री पोर्टल और संपूर्ण समाधान दिवस पर शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की अपील की है, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही मायनों में गरीब और जरूरतमंद लोगों तक पहुँच सके।

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