Kanpur Dehat: यमुना में डूबी 19 साल की प्रांसी अब भी लापता, बहन रागिनी की मौत से गांव में मातम
Kanpur Dehat: टेसू और झिझिया विसर्जन का त्योहार उस वक्त मातम में बदल गया जब गांव की दो सगी बहनें यमुना नदी में डूब गईं। हादसे को 24 घंटे से ज्यादा बीत चुके हैं, लेकिन 19 वर्षीय प्रांसी का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है।
उसकी छोटी बहन, 15 वर्षीय रागिनी का शव कल ही बरामद कर लिया गया था। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
क्या हुआ था उस दिन?
यह दर्दनाक हादसा सोमवार को उस समय हुआ जब बीलासपुर गांव की प्रांसी और रागिनी गांव की 8-10 अन्य लड़कियों के साथ टेसू और झिझिया के विसर्जन के लिए यमुना नदी गई थीं। विसर्जन के बाद सभी लड़कियां नदी में स्नान करने लगीं। तभी रागिनी अचानक गहरे पानी में चली गई और डूबने लगी। उसे बचाने के लिए बड़ी बहन प्रांसी तुरंत पानी में कूद पड़ी। लेकिन दुर्भाग्यवश, दोनों बहनें नदी की गहराई में समा गईं।
स्थानीय गोताखोरों से लेकर NDRF तक जुटी तलाश में
घटना की जानकारी मिलते ही पिता सेनापत गांव के गोताखोरों के साथ मौके पर पहुंचे और अपनी बेटियों की तलाश शुरू की। सूचना मिलते ही थाना पुलिस, एसडीएम शालिनी उत्तम और तहसीलदार राकेश चंद्र भी मौके पर पहुंचे। लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने रागिनी का शव ढूंढ निकाला। उसे तुरंत सिकंदरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टर पूजा गोयल ने उसे मृत घोषित कर दिया।
अब भी लापता है प्रांसी, वाइब्रेशन तकनीक से तलाश जारी
शाम होते-होते एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और स्टीमर के जरिए वाइब्रेशन तकनीक से नदी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। लेकिन अंधेरा होने के कारण रात में बचाव कार्य रोकना पड़ा।
मंगलवार सुबह से एक बार फिर एनडीआरएफ की टीम ने सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है। अब तक 24 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन प्रांसी का कोई सुराग नहीं मिला है।
मौके पर प्रशासन मौजूद
घटनास्थल पर एसडीएम सिकंदरा शालिनी उत्तम, तहसीलदार राकेश चंद्र और क्षेत्राधिकारी प्रिया सिंह लगातार मौजूद हैं और राहत-बचाव कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई प्रांसी के सकुशल मिलने की दुआ कर रहा है।
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