बिहार चुनाव में उतरेंगे योगी आदित्यनाथ, करेंगे 20 से अधिक रैलियां

Sandesh Wahak Digital Desk: बिहार विधानसभा चुनाव जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, वैसे-वैसे सियासी हलचलें तेज़ होती जा रही हैं। इसी कड़ी में एनडीए गठबंधन ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Aditya Nath) को अपने प्रचार अभियान में शामिल करने का बड़ा फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि बिहार में एनडीए के उम्मीदवारों की ओर से लगातार यह मांग उठ रही थी कि उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ भी बिहार चुनाव में प्रचार करें। सूत्रों के अनुसार, योगी आदित्यनाथ अक्टूबर के तीसरे सप्ताह से बिहार में अपना प्रचार अभियान शुरू करेंगे और करीब 20 से अधिक चुनावी रैलियां करेंगे। उनकी सभाओं का कार्यक्रम लगभग तय कर लिया गया है, बस औपचारिक घोषणा बाकी है।

उत्तर और मध्य बिहार में होगी रैलियों की फोकसिंग

बताया जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ मुख्य रूप से बिहार के मध्य और उत्तरी जिलों में प्रचार अभियान की कमान संभालेंगे। इनमें मिथिलांचल और सीतामढ़ी जैसे इलाके शामिल हैं, जहां माता जानकी की जन्मभूमि स्थित है। यहां पुनौरा में भव्य जानकी मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है। मिथिला और अवध के बीच सदियों पुराना धार्मिक और सांस्कृतिक संबंध भी सीएम योगी की रैलियों को खास महत्व देता है। भाजपा रणनीतिकारों का मानना है कि इन क्षेत्रों में योगी आदित्यनाथ के प्रचार से एनडीए को सीधा लाभ मिल सकता है।

बिहार चुनाव में उतरेंगे योगी आदित्यनाथ, करेंगे 20 से अधिक रैलियां

बिहार में योगी की लोकप्रियता और रणनीति

गौरतलब हो कि उत्तर प्रदेश की सीमाएं बिहार से जुड़ी हैं और दोनों राज्यों की बोली, संस्कृति और रीति-रिवाज काफी मिलते-जुलते हैं। यही कारण है कि बिहार में भी योगी आदित्यनाथ की लोकप्रियता कम नहीं है। भाजपा इस लोकप्रियता का राजनीतिक लाभ उठाना चाहती है। एनडीए को उम्मीद है कि योगी की ओजस्वी भाषण शैली और साफ-सुथरी छवि बिहार के मतदाताओं को प्रभावित करेगी।

हिंदुत्व और सख्त शासन की छवि बनेगी चुनावी पूंजी

योगी आदित्यनाथ को एक ओर हिंदुत्व के प्रतीक नेता के रूप में जाना जाता है, वहीं दूसरी ओर सख्त प्रशासन और विकासवादी सोच की वजह से भी उनकी छवि प्रभावशाली बनी हुई है। उनके भाषणों में जो आक्रामकता और जोश होता है, वह समर्थकों में ऊर्जा भर देता है। यही कारण है कि एनडीए को उम्मीद है कि, योगी का बिहार में उतरना चुनावी माहौल को पूरी तरह बदल सकता है।

6 और 11 नवंबर को मतदान

दरअसल बिहार विधानसभा चुनाव के लिए यहां 6 और 11 नवंबर को दो चरणों में मतदान होना है। ऐसे में ये माना जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ के मैदान में उतरने से एनडीए की चुनावी रणनीति में नया जोश देखने को मिल सकता है। भाजपा को विश्वास है कि योगी की मौजूदगी से न केवल उसका कोर वोट बैंक मजबूत होगा, बल्कि undecided मतदाताओं पर भी इसका असर पड़ेगा।

 

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