Mahoba News: दरोगा पर 10 हजार वसूलने का आरोप, विरोध करने पर शख्स को पीटने का भी मामला

Sandesh Wahak Digital Desk: महोबा जिले के महोबकंठ थाना क्षेत्र के इटौरा बुजुर्ग गांव में हल्का इंचार्ज दरोगा अजय प्रताप पर गंभीर आरोप लगे हैं। गांव के पूर्व प्रधान और किसान धर्मजीत ने आरोप लगाया है कि दरोगा ने उनसे खेत से काटी गई बबूल की लकड़ी बेचने के एवज में ₹10,000 की जबरन वसूली की, और जब उनके नाती राघवेंद्र ने विरोध किया तो उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी।

जबरन वसूली का आरोप

पूर्व प्रधान धर्मजीत ने बताया कि उन्होंने फसल को हो रहे नुकसान के कारण अपने खेत में खड़े बबूल के पेड़ कटवाकर बेचे थे। जब ठेकेदार लकड़ी को ट्रैक्टर में लादकर ले जा रहा था, तभी दरोगा अजय प्रताप ने वाहन रोक लिया और ₹10,000 की मांग की। धर्मजीत के अनुसार, यह कोई अवैध व्यापार नहीं था, बावजूद इसके दरोगा ने कथित तौर पर रुपये लेकर ही ट्रैक्टर को छोड़ा।

विरोध करने पर नाती की पिटाई

जब धर्मजीत के नाती राघवेंद्र को इस घटना की जानकारी मिली, तो उसने दरोगा से वसूले गए रुपये वापस करने की मांग की। आरोप है कि इससे नाराज होकर दरोगा ने राघवेंद्र को सड़क पर पटक दिया और बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे वह लहूलुहान होकर गंभीर रूप से घायल हो गया।

परिजन घायल राघवेंद्र को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पनवाड़ी ले गए। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पूर्व प्रधान और पीड़ित राघवेंद्र ने आरोपी दरोगा के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस का पक्ष

वहीं, इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) वंदना सिंह ने बताया कि दरोगा पर लगाए गए आरोप फिलहाल निराधार प्रतीत होते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि दरोगा गांव में एक युवती से जुड़े प्रकरण की विवेचना के लिए गए थे, जहां कथित तौर पर युवक (राघवेंद्र) शराब के नशे में पुलिस टीम से उलझ गया।

एएसपी ने कहा कि फिलहाल पूरे मामले की गहनता से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जिला अस्पताल के डॉक्टर यतेन्द्र ने बताया कि घायल राघवेंद्र की हालत फिलहाल स्थिर है और उसका उपचार जारी है।

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