आठवें वेतन आयोग के गठन को मिली मंजूरी, जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई होंगी अध्यक्ष

Sandesh Wahak Digital Desk: देश के करीब एक करोड़ से अधिक केंद्रीय वेतनभोगी कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए बड़ी खबर है। केंद्र सरकार ने मंगलवार को औपचारिक रूप से आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) के गठन को मंजूरी दे दी है।

कैबिनेट की बैठक के बाद जारी प्रेस नोट के अनुसार, आयोग की चेयरमैन सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई होंगी। आईआईएम बेंगलुरू के प्रोफेसर पुलक घोष और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) के सचिव पंकज जैन को इसके सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है।

18 महीने में देनी होगी सिफारिशें

आयोग को अपनी सिफारिशें अगले 18 महीनों के भीतर केंद्र सरकार को सौंपनी होंगी। इन सिफारिशों के आधार पर वेतन और पेंशन में बढ़ोतरी वर्ष 2027 से लागू हो सकती है। हालांकि, सरकारी कर्मचारियों के संगठनों का मानना है कि इसे 1 जनवरी, 2026 से ही प्रभावी माना जाएगा। NC-JCM (स्टाफ साइड) के सेक्रेटरी शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि अगर लागू करने में देरी होती है, तो भी 1 जनवरी, 2026 से स्टाफ को एरियर जोड़कर दिया जा सकता है, जैसा कि सातवें वेतन आयोग के समय हुआ था।

हर 10 साल पर होता है आयोग का गठन

देश में बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत को देखते हुए, हर 10 साल पर नए वेतन आयोग का गठन किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और अन्य सुविधाओं को संशोधित करना होता है। इसी क्रम में, आठवें वेतन आयोग को 1 जनवरी 2026 से प्रभावी होना माना जा रहा है।

सरकारी कर्मचारियों के संगठनों में इस बात को लेकर नाराजगी थी कि आयोग के गठन की घोषणा इस साल जनवरी में होने के बावजूद केंद्रीय कैबिनेट से मंजूरी मिलने में करीब 10 महीने का समय लग गया। अब मंजूरी मिलने के बाद आयोग जल्द ही अपना काम शुरू करेगा।

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