दिल की बीमारियों से बचाएगा मोटापा, स्टडी में हुआ बड़ा खुलासा!

Sandesh Wahak Digital Desk: मोटापा (Obesity) अब तक दिल की बीमारियों का सबसे बड़ा दुश्मन माना जाता था, लेकिन हाल ही में हुई एक रिसर्च ने इस धारणा को चुनौती दी है। यूनिवर्सिटी ऑफ कैंब्रिज के मेटाबॉलिज्म एक्सपर्ट्स द्वारा की गई इस स्टडी में यह खुलासा हुआ है कि एमसी4आर (MC4R) नामक जीन, जो मोटापा बढ़ाने के लिए जिम्मेदार माना जाता है, वही दिल की बीमारियों से सुरक्षा प्रदान कर सकता है।

मोटापा और हार्ट डिजीज के बीच अनोखा रिश्ता

रिसर्च के मुताबिक, जिन लोगों में एमसी4आर जीन का रेयर वेरिएंट पाया गया है, उनमें खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) का स्तर कम होता है और हार्ट डिजीज का खतरा घट जाता है। वैज्ञानिकों ने बताया कि यह जीन करीब *एक प्रतिशत मोटे लोगों* और पांच प्रतिशत मोटे बच्चों में पाया जाता है। वहीं, ब्रिटेन में हर 300 में से एक व्यक्ति में यह जीन म्यूटेशन मौजूद हो सकता है।

स्टडी का मकसद यह समझना था कि आखिर कुछ लोग मोटे होने के बावजूद दिल की बीमारियों से कैसे बचे रहते हैं। शोधकर्ताओं ने पाया कि एमसी4आर जीन हमारे दिमाग में एक ऐसा प्रोटीन बनाता है जो भूख को नियंत्रित करता है। जब यह जीन सामान्य रूप से काम करता है, तो व्यक्ति कम खाता है, लेकिन जब इसमें गड़बड़ी होती है, तो भूख बढ़ जाती है और वजन तेजी से बढ़ने लगता है। दिलचस्प बात यह है कि जिन लोगों में इस जीन का रेयर वेरिएंट मौजूद होता है, उनमें ट्राइग्लिसराइड और खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम पाया गया, जिससे दिल की बीमारियों का खतरा घट जाता है।

हजारों लोगों पर की गई जांच

इस स्टडी में कुल 7,719 बच्चों और 124 वयस्कों के जीन की जांच की गई, जिनमें मोटापा एमसी4आर जीन की गड़बड़ी के कारण था। इसके बाद इन नतीजों की तुलना यूके बायो बैंक के 3.36 लाख लोगों के डेटा से की गई। निष्कर्ष यह निकला कि जिन लोगों में एमसी4आर की कमी थी, उनका ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल प्रोफाइल सामान्य लोगों की तुलना में बेहतर था और उनके दिल की सेहत अधिक स्थिर पाई गई।

क्या कहती है रिपोर्ट?

रिपोर्ट में बताया गया है कि, एमसी4आर जीन शरीर के फैट मेटाबॉलिज्म को दिमाग के ज़रिए नियंत्रित करता है। जब यह जीन अपनी सामान्य स्थिति में नहीं होता, तब व्यक्ति में मोटापा बढ़ता है, लेकिन साथ ही खराब कोलेस्ट्रॉल का स्तर घट जाता है। रिसर्चर्स का कहना है कि अगर इस जीन की कार्यप्रणाली को और गहराई से समझा जाए, तो भविष्य में दिल की बीमारियों और हाई कोलेस्ट्रॉल के इलाज के लिए नई और प्रभावी दवाएं तैयार की जा सकती हैं।

 

Also Read: बरेली: CHC आंवला में हिस्ट्री शीटर की दबंगई, चिकित्सा अधीक्षक ने दर्ज कराई अवैध वसूली की शिकायत

Get real time updates directly on you device, subscribe now.