अब्दुल्ला आज़म को SC से झटका, फर्जी दस्तावेज़ मामले में FIR रद्द करने की याचिका खारिज
Sandesh Wahak Digital Desk: समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक अब्दुल्ला आज़म खान को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अब्दुल्ला आज़म खान के ख़िलाफ़ फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल करके पासपोर्ट हासिल करने के आरोप में दर्ज एफआईआर (FIR) को रद्द करने से साफ इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व फैसले को बरकरार रखा है।
सुप्रीम कोर्ट का रुख
हाईकोर्ट से राहत न मिलने के बाद अब्दुल्ला आज़म खान ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने हाईकोर्ट के आदेश में किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया।
जस्टिस सुंदरेश ने राहत देने से इनकार करते हुए कहा, “ट्रायल कोर्ट पर यकीन कीजिए। मामले को ट्रायल कोर्ट में तय होने दीजिए। अब जब ट्रायल पूरा हो गया है, तो हम दखल नहीं दे सकते हैं।” इससे पहले, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी इसी आधार पर अब्दुल्ला आज़म की अर्जी ख़ारिज कर दी थी कि मामले में पूरा ट्रायल हो चुका है।
क्या है पासपोर्ट फर्जीवाड़ा मामला?
यह मामला रामपुर की सिविल लाइन थाना पुलिस ने दर्ज किया था, जिसमें 9 सितंबर 2021 को आरोप तय किए गए थे। एफआईआर में आरोप लगाया गया था कि अब्दुल्ला आज़म खान ने फर्जी दस्तावेज़ों का सहारा लेकर पासपोर्ट बनवाया। इस पासपोर्ट में उनकी जन्मतिथि 30 सितंबर 1990 दर्ज है। जबकि स्कूल रिकॉर्ड के अनुसार, उनकी वास्तविक जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 है।
दो पैन कार्ड का मामला भी ख़ारिज
पासपोर्ट मामले के अलावा, दो पैन कार्ड के मामले में भी इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अब्दुल्ला आज़म खान को झटका दिया था। जुलाई में हाईकोर्ट ने उनकी उस याचिका को भी ख़ारिज कर दिया था, जिसमें रामपुर एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रहे ट्रायल को रद्द करने की मांग की गई थी।
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