दिल्ली ब्लास्ट का शिकार हुआ श्रावस्ती का युवक, धमाके में दिनेश मिश्रा की मौत, परिवार को सांत्वना
Sandesh Wahak Digital Desk: सोमवार शाम दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए भीषण धमाके ने श्रावस्ती जिले के एक परिवार को गहरा सदमा दिया है। इस विस्फोट में इकौना थाना क्षेत्र के गनेशपुर निवासी दिनेश मिश्रा (35 वर्ष) पुत्र भूरे मिश्रा की मौत हो गई है। दिल्ली में रह रहे उनके छोटे भाई गुड्डू ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर शव की शिनाख्त की, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

घटनाक्रम और शिनाख्त में जद्दोजहद
दिनेश मिश्रा पिछले 10-12 वर्षों से दिल्ली में एक प्रिंटिंग प्रेस की दुकान पर काम करते थे। सोमवार शाम को वह लाल किले की तरफ घूमने निकले थे और उसी दौरान धमाके की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। दिनेश के पिता भूरे मिश्रा ने बताया कि रात में टीवी पर धमाके की खबर देखकर उन्हें बेटों की चिंता सताने लगी। बड़े बेटे राजेश और गुड्डू से बात हो गई, लेकिन दिनेश का फोन नहीं मिल रहा था।
राजेश और गुड्डू ने घटनास्थल और अस्पतालों में देर रात तक दिनेश को तलाशा, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। रात करीब ढाई बजे, एक पुलिसकर्मी की सलाह पर गुड्डू पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे, जहां उन्हें दिनेश का शव ‘अज्ञात’ की श्रेणी में रखा मिला, क्योंकि भाई के पास आधार कार्ड मौजूद नहीं था। भाई गुड्डू ने बताया कि उन्हें अस्पताल में प्रवेश करने के लिए भी घंटों जद्दोजहद करनी पड़ी थी।
पत्नी और मां का दर्द
दिनेश अपने पीछे पत्नी रीना देवी और तीन छोटे बच्चों (बेटा हिमांशु-8 वर्ष, बेटियां गुंजन-6 वर्ष और सृष्टि-3 वर्ष) को छोड़ गए हैं। पत्नी रीना देवी ने रोते हुए बताया कि दिनेश बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए हिमांशु को दिल्ली ले जाकर दाखिला करवाया था और अगले साल दोनों बेटियों को भी ले जाने की तैयारी कर रहे थे। अब उन्हें बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है।
दिनेश की मां चार दिन पहले ही दिल्ली गए बेटे की मौत की खबर पाकर बेसुध हैं। दिनेश 5 नवंबर को भंडारे में शामिल होने घर आए थे और 7 नवंबर को पढ़ाई का हवाला देकर दिल्ली लौट गए थे। मां बार-बार यही कह रही थीं, “इतनी जल्दी क्यों आ रहे हो दिनेश?”
प्रशासन ने दिया मदद का भरोसा
धमाके की सूचना मिलने पर श्रावस्ती के जिलाधिकारी (DM) अश्विनी कुमार पांडेय ने मृतक के पिता से फोन पर बात कर सांत्वना दी। जिलाधिकारी के निर्देश पर उपजिलाधिकारी (SDM) पीयूष जायसवाल तुरंत पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और परिवार की स्थिति का ब्योरा जुटाया। जिलाधिकारी ने परिवार को जल्द से जल्द हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया है।
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