Lucknow News: STF का बड़ा एक्शन, ओवरलोड ट्रकों को पास कराने वाले रैकेट का पर्दाफाश, ARTO समेत 9 लोगों पर FIR
Lucknow News: उत्तर प्रदेश में एक ऐसे रैकेट का पर्दाफाश हुआ है जो ओवरलोड ट्रक और डंपरों को बिना रोक-टोक चलने दे रहा था। यह रैकेट परिवहन विभाग के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों की सीधी मिलीभगत से चल रहा था। हैरानी की बात यह है कि हर ओवरलोड वाहन को पास कराने के लिए 7 हजार रुपए का चार्ज तय था, जिसमें से 6 हजार रुपए सीधे विभाग के अधिकारियों की जेब में जाते थे।
कैसे पकड़ा गया रैकेट
यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने मंगलवार की रात मुखबिर की टिप पर मड़ियांव इलाके से दो शख्सियतों को गिरफ्तार किया। इनमें सीतापुर के दलाल अभिनव पांडे और कानपुर के डंपर चालक कपिल शामिल हैं। अभिनव ने ही STF को कपिल तक पहुंचने में मदद की। पूछताछ में जो खुलासा हुआ, वह चौंकाने वाला था।
कैसे चलता था पूरा गोरखधंधा
अभिनव पांडे ने बताया कि वह ट्रक और डंपर मालिकों से पैसे लेता था और फिर उन वाहनों के नंबर परिवहन विभाग के अफसरों को भेज देता था। इस सूची में शामिल वाहनों को चेकिंग के दौरान जानबूझकर नहीं रोका जाता था और वे आसानी से शहर की सीमा पार कर जाते थे। यानी पैसे देकर ओवरलोडिंग का टिकट कटवाने का एक सिस्टम बना रखा था।
STF की जांच में सामने आया कि इस रैकेट में परिवहन विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी शामिल थे। इनमें ARTO राजू बंसल, दीवान अनुज और बृजेश, PТО मनोज भारद्वाज, पूर्व RTO के ड्राइवर विनोद यादव जैसे नाम शामिल हैं। STF ने ARTO राजू बंसल समेत 9 लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की है। गिरफ्तार आरोपियों से STF ने 5 मोबाइल फोन, 1 डायरी, 2 रजिस्टर, 1 कार और 1 डंपर के साथ-साथ खनन से जुड़े दस्तावेज भी बरामद किए हैं। ये सबूत इस पूरे घपले को उजागर करते हैं।
इस पूरे घपले का सबसे बड़ा नुकसान राज्य की जनता और सरकार का हुआ है। ओवरलोड वाहनों ने सड़कों को चौपट कर दिया, और सरकार को जुर्माने और टैक्स के रूप में करोड़ों रुपए का राजस्व नुकसान उठाना पड़ा। STF के मुताबिक, यह सिंडिकेट लंबे समय से चल रहा था और परिवहन विभाग के भीतर ही एक समानांतर सिस्टम काम कर रहा था, जहां पैसा कानून पर भारी पड़ रहा था।
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