लखनऊ में ‘वर्टिकल सिस्टम’ लागू: अब 7 दिन में सही होगा बिजली बिल, 10 दिन में मिलेगा कनेक्शन
Sandesh Wahak Digital Desk: राजधानी लखनऊ में बिजली वितरण की नई ‘वर्टिकल सिस्टम’ व्यवस्था शनिवार, 15 नवंबर से लागू हो गई है। पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन के 11 महीने के प्रयासों के बाद कानपुर की तर्ज पर यह प्रणाली उपभोक्ताओं की समस्याओं को तेजी से हल करने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
वर्टिकल सिस्टम लागू होने से अब उपभोक्ताओं को बिजली बिल संशोधन, नए कनेक्शन और शिकायत निवारण के लिए एसडीओ (SDO) या एक्सईएन (XEN) कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
उपभोक्ता सेवाओं की समय सीमा
नई वर्टिकल प्रणाली के तहत उपभोक्ता सेवाओं के लिए समय सीमा निर्धारित की गई है।
गलत बिजली बिल संशोधन: 7 दिन के भीतर।
नया कनेक्शन: 10 दिन के भीतर।
गोमतीनगर जोन के मुख्य अभियंता सुशील गर्ग के अनुसार, 10 दिन के भीतर कनेक्शन उन्हीं आवेदकों को मिलेगा, जिनके कनेक्शन स्थल की दूरी 40 मीटर होगी और जिसके लिए लाइन या ट्रांसफार्मर लगाने की आवश्यकता नहीं होगी।
शिकायत और बिल संशोधन की प्रक्रिया
उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज कराने के लिए अब ऑनलाइन और हेल्प डेस्क का विकल्प मिलेगा।
टोल फ्री नंबर: उपभोक्ता सीधे 1912 कॉल सेंटर पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
अन्य विकल्प: 8010924203 चैट बॉक्स, ऐप और नजदीकी हेल्प डेस्क पर भी शिकायत दर्ज की जा सकती है।
ऑनलाइन मेमो: बिल संशोधन होने पर उसका मेमो ‘ब्रिम लिंक’ के माध्यम से उपभोक्ता को ऑनलाइन प्राप्त होगा, जिससे वह सही किए गए बिल का आकलन खुद कर सकेंगे।
वर्टिकल सिस्टम की कार्यप्रणाली
मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक (वाणिज्य) योगेश कुमार के मुताबिक, वर्टिकल सिस्टम में काम को दो प्रमुख विंग्स में बाँटा गया है, जिनके मुखिया मुख्य अभियंता होंगे।
अधीक्षण अभियंता (वाणिज्य): नए कनेक्शन देने, बिल वसूली और उपभोक्ता सेवाओं का काम देखेंगे।
अधीक्षण अभियंता (तकनीकी): निर्बाध बिजली आपूर्ति, 440V, 11KV और 33KV लाइनों के फॉल्ट सही करने तथा लाइन निर्माण का काम देखेंगे।
मध्यांचल निगम के निदेशक (वाणिज्य) योगेश कुमार और निदेशक (तकनीकी) हरीश बंसल ने शुक्रवार को विभिन्न ज़ोन के कार्यालयों का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया।
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