भारत-कनाडा एफटीए पर फिर शुरू हो सकती है बातचीत, पीयूष गोयल बोले- सभी संभावनाएं खुली हैं
Sandesh Wahak Digital Desk: भारत और कनाडा के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (एफटीए) पर लंबे समय से अटकी बातचीत एक बार फिर पटरी पर लौटती दिखाई दे रही है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल (Piyush Goyal) ने संकेत दिया है कि कनाडा के साथ एफटीए वार्ता को फिर से शुरू करने की दिशा में सभी विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। हाल ही में गोयल और कनाडा के निर्यात संवर्धन, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और आर्थिक विकास मंत्री मनिंदर सिद्धू के बीच दो दौर की बातचीत हुई है, जिसमें व्यापारिक सहयोग बढ़ाने और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर गंभीर चर्चा हुई।
“सभी संभावनाएं खुली हैं”
दरअसल विशाखापत्तनम में आयोजित 30वें CII पार्टनरशिप समिट के दौरान पीयूष गोयल ने कहा कि भारत एफटीए वार्ता के प्रति सकारात्मक है। उन्होंने बताया कि, सभी संभावनाएं खुली हैं। हमने दो बार विस्तार से चर्चा की है। दिल्ली में हुई उच्च स्तरीय बैठक में द्विपक्षीय सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर विचार किया गया। कनाडा के मंत्री मनिंदर सिद्धू इस समिट में हिस्सा लेने भारत आए थे, जहां दोनों देशों के बीच व्यापारिक संभावनाओं पर भी जोर दिया गया।

WTO सुधारों में भारत की बड़ी भूमिका का संकेत
शिखर सम्मेलन में बोलते हुए गोयल ने कहा कि भारत विश्व व्यापार संगठन (WTO) के सुधारों को आगे बढ़ाने में नेतृत्वात्मक भूमिका निभाने को तैयार है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि ये सुधार केवल विकसित देशों की मंशा के आधार पर नहीं, बल्कि विकासशील देशों और अल्पविकसित देशों की सलाह से किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा, सुधारों का उद्देश्य वैश्विक कल्याण होना चाहिए, कुछ विकसित देशों के एजेंडे को आगे बढ़ाना मंजूर नहीं। भारत एक ज़िम्मेदार वैश्विक राष्ट्र है और ग्लोबल साउथ की आवाज बना रहेगा। गोयल के अनुसार दुनिया आज भारत की ताकत, स्थिरता और नेतृत्व को पहचान रही है।
मायने रखते हैं ये बयान
आपको बताते चलें कि, लंबे समय से दोनों देशों के रिश्तों में कूटनीतिक तनाव रहा है, जिसके कारण एफटीए वार्ता स्थगित थी। लेकिन हालिया संवाद यह संकेत देता है कि व्यापारिक और आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए दोनों देश आगे बढ़ने के इच्छुक हैं।
एफटीए के सक्रिय होने से निवेश बढ़ेगा, व्यापार में गति आएगी, सेवा क्षेत्र को नए अवसर मिलेंगे तथा आर्थिक सहयोग मजबूत होगा। दरअसल भारत पहले से ही कई देशों के साथ एफटीए को आगे बढ़ा रहा है, ऐसे में कनाडा के साथ समझौता दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है।

