‘बागेश्वर बाबा की यात्रा संविधान विरोधी’, स्वामी प्रसाद मौर्य बोले- BJP अपने राजनीतिक मंसूबे साध रही
Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनावों से पहले गर्माहट तेज हो गई है। अपनी जनता पार्टी के संस्थापक और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने ‘संविधान सम्मान जनहित हुंकार यात्रा’ लेकर बुंदेलखंड के महोबा पहुंचकर भाजपा और बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री पर तीखे हमले किए।
धीरेंद्र शास्त्री की यात्रा पर निशाना
स्वामी प्रसाद मौर्य ने पंडित धीरेंद्र शास्त्री की यात्रा को सीधे तौर पर संविधान विरोधी बताया। “बागेश्वर धाम के बाबा की यात्रा हिंदू राष्ट्र की मांग के नाम पर संविधान विरोधी, देशद्रोही और राष्ट्रद्रोही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बाबा बागेश्वर के ज़रिए अपने राजनीतिक मंसूबों को साध रही है, वरना अब तक उन्हें जेल की सलाखों के पीछे होना चाहिए था।
संवैधानिक और प्रशासनिक आरोप
मौर्य ने भाजपा सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए, जिनमें संवैधानिक संस्थाओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में जंगलराज व्याप्त है और ब्यूरोक्रेसी (अधिकारी वर्ग) का दबदबा है। उन्होंने दावा किया कि आधा दर्जन से अधिक मंत्री सार्वजनिक रूप से शिकायत कर चुके हैं कि विभागीय अधिकारी उनकी बात नहीं सुनते, जिससे आम जनता की स्थिति का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने SIR (संभवतः सूची या सिस्टम) के ज़रिए मतदाताओं को मतदान से वंचित करने की साजिश करार दिया और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर भी आरोप लगाए।
भाजपा विधायक पर आपत्तिजनक टिप्पणी
गाजियाबाद के लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर द्वारा धमकी दिए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए मौर्य ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह किसी जनप्रतिनिधि की भाषा नहीं, बल्कि भाजपा के एक गुंडा विधायक की आवाज़ है। उन्होंने इसे दलितों, पिछड़ों और आदिवासी समुदाय को दबाने की मानसिकता बताया।
स्वामी प्रसाद मौर्य ने दावा किया कि डबल इंजन की सरकार हर मोर्चे पर विफल है और उनकी पार्टी जल्द ही पूरे प्रदेश में संगठन विस्तार कर आगामी चुनाव में भाजपा को सत्ता से बाहर करने का काम करेगी।
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