देश की सबसे बड़ी GST चोरी का खुलासा, यूपी में 989 करोड़ का घोटाला, ऐसे खुला राज

Sandesh Wahak Digital Desk: उत्तर प्रदेश में राज्य कर विभाग (State Tax Department) ने देश की सबसे बड़ी वस्तु एवं सेवा कर (GST) चोरी का खुलासा किया है। जीएसटी चोरी के आरोप में गिरफ्तार मेरठ के मास्टरमाइंड इखलाक की डायरी से मिली 535 फर्मों की जांच पूरी होने के बाद यह पता चला है कि गिरोह ने 335 फर्जी फर्मों के माध्यम से देशभर में ₹5478 करोड़ का टर्नओवर किया और ₹989 करोड़ की जीएसटी चोरी की।

मास्टरमाइंड की डायरी से खुला मकड़जाल

जीएसटी चोरी की जांच कर रही एसआईटी (SIT) के हत्थे चढ़े आरोपी इखलाक की डायरी में 535 फर्जी फर्मों के नाम और मोबाइल नंबर मिले थे। राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त ग्रेड-1 अशोक कुमार सिंह के नेतृत्व में हुई चार दिवसीय गहन जांच में पाया गया कि 335 फर्जी फर्मों (AK Enterprises से जुड़ी) ने ₹5478.35 करोड़ का कारोबार दिखाया। कुल जीएसटी चोरी का आंकड़ा ₹989.13 करोड़ तक पहुंच गया है। 200 फर्मों पर किसी भी तरह का लेनदेन होना नहीं पाया गया।

दिल्ली, गुजरात में सबसे मजबूत कनेक्शन

जांच में सबसे अधिक फर्जी फर्मों के कनेक्शन दिल्ली और गुजरात में मिले हैं। अधिकारियों को अंदेशा है कि गुजरात की बड़ी फर्मों ने सरकार को चूना लगाने के लिए इन बोगस फर्मों का इस्तेमाल किया है। गिरफ्तार इखलाक से मिली जानकारी के बाद 213 फर्मों की जाँच की गई है, जिनमें से 126 सीजीएसटी (CGST) और 87 एसजीएसटी (SGST) से जुड़ी हैं।

इस मामले की शुरुआत मुरादाबाद में 24 और 25 अक्टूबर को लोहे से लदे दो ट्रकों को पकड़े जाने से हुई थी, जहां 144 फर्जी फर्मों के जरिए ₹400 करोड़ की चोरी सामने आई थी। एसआईटी ने 22 नवंबर को मास्टरमाइंड इखलाक और उसके सहयोगी इत्तेहात आलम उर्फ दानिश कबाड़ी को गिरफ्तार किया है। गिरोह के सरगना समेत छह अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। राज्य कर विभाग ने इस मामले में दो प्राथमिकियाँ दर्ज कराई हैं, जिनमें नौ कारोबारी और दो फर्म आरोपी हैं।

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