Balrampur News: मध्यान्ह भोजन योजना में 11 करोड़ रुपये का घोटाला, जिला समन्वयक सहित 5 गिरफ्तार
Balrampur News: जिले में मध्यान्ह भोजन योजना के तहत सरकारी दस्तावेजों में कूटरचना कर लगभग 11 करोड़ रुपये का गबन करने के मामले में कोतवाली नगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बेसिक शिक्षा अधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर दर्ज मुकदमे के बाद की गई। बताया जाता है कि इस मामले में बीएसए शुभम शुक्ला ने पहले विभागीय जांच करवाई, जब मामला सामने आया तो सबके होश फ़ाख्ता हो गए।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शुभम शुक्ला द्वारा कराई गई जांच में सामने आया कि मध्यान्ह भोजन योजना (डीसी एसडीएम) से जुड़े अधिकारी फ़िरोज़ अहमद एवं अन्य व्यक्तियों ने आपसी सांठगांठ से एक्सेल शीट में हेरफेर कर धनराशि का गबन किया। इस मामले में थाना कोतवाली नगर पर मुकदमा 297/2025 पंजीकृत किया गया। इस मुकदमें में धारा 409, 467, 468, 471, 120B एवं 201 आईपीसी के तहत 45 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
पुलिस ने पूछताछ के आधार पर बताया कि मुख्य आरोपी फिरोज अहमद खान (डीसी एमडीएम) ने बताया कि आईवीएफआर पोर्टल से प्राप्त छात्र संख्या के आधार पर बनाई गई एक्सेल शीट में पीएफएमएस पोर्टल से अपलोड करते वक्त हेरफेर की जाती थी। जिन विद्यालयों में अतिरिक्त धनराशि भेजी जाती थी, वहां प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान एवं अभिभावक समिति के अध्यक्ष के माध्यम से राशि निकालकर बांट ली जाती थी। वहीं, अन्य विद्यालयों के खातों से राशि कम करके संतुलन रखा जाता था, जिससे अनुमोदित बजट में अंतर नहीं दिखता था।
इस मामले में संयुक्त टीम ने दबिश देकर पांच मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया, जिनमें डीसी एमडीएम फ़िरोज़ अहमद, अशोक कुमार गुप्ता, निवासी बलुआ बलुई– प्रधानाध्यापक, नसीम अहमद, निवासी चयपुरवा– ग्राम प्रधान, मो. अहमदुल कादरी, निवासी मध्यनगर– अभिभावक समिति अध्यक्ष, मलिक मुन्नवर, निवासी धुसवा– सहायक अध्यापक शामिल हैं। बताया जाता है कि इस मामले में जैसे जैसे विवेचना आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे अन्य लोगों की गिरफ्तारी भी होगी।
पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि मामले में गहनता से जांच की जा रही है। अभी फिलहाल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, वैसे-वैसे अन्य लोगों के गिरफ्तारी की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह मामला प्रथम दृश्य 11 करोड रुपये के गबन का है, जिसमें कूट रचित तरीके से सरकारी धनराशि को एमडीएम डीसी फ़िरोज़ अहमद समेत अन्य लोगों के द्वारा गबन किया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में धनराशि के गबन का मामला और बढ़ सकता है क्योंकि जांच की जा रही है।
रिपोर्ट- योगेंद्र त्रिपाठी
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