गाजीपुर में तत्कालीन इंस्पेक्टर और कांस्टेबल पर मुकदमा, 2.18 लाख गबन का मामला

गाजीपुर। नौकरी दिलाने के नाम पर हुई ₹22.78 लाख की ठगी के एक मामले में, पुलिस की गंभीर लापरवाही और सांठ-गांठ कर ठगी की रकम हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। सीओ सिटी शेखर सेंगर की तहरीर पर, शहर कोतवाली के साइबर थाना के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार मिश्र और आरक्षी दीपक कुमार के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

₹2.18 लाख गबन का आरोप

सीओ सिटी ने बताया कि भांवरकोल के भेलमपुर निवासी नीरज कुमार से मुंबई की ‘तरूण ग्लोबल सोलूशन’ कंपनी के मैनेजर ने नौकरी दिलाने के नाम पर कुल ₹22,78,605 की ठगी की थी, जिसकी शिकायत 26 सितंबर 2024 को साइबर थाने में दर्ज की गई थी।

ठगी की रकम जिस बैंक खाते में गई थी, उसे फ्रीज कर दिया गया था। जांच में इस खाते में से ₹4,68,868 ठगी की रकम के रूप में पाया गया था, जो पीड़ित को मिलना चाहिए था।

पीड़ित के पिता जगदीश ने शिकायत की कि 31 अक्टूबर 2024 को तत्कालीन इंस्पेक्टर अशोक कुमार मिश्र और आरक्षी दीपक कुमार ने उन्हें साइबर थाना बुलाया और ₹2,50,000 नकद वापस किए।

नियमों के अनुसार, फ्रीज की गई धनराशि नकद वापस नहीं की जाती है। आरोप है कि दोनों पुलिसकर्मियों ने सांठ-गांठ करके बैंक धारक के खाते को अनफ्रीज कराया और ₹2,18,868 (यानी ₹4,68,868 में से ₹2,50,000 वापस करने के बाद बची राशि) की शेष रकम को हड़प लिया। साथ ही, उन्होंने खाते की पूरी जानकारी भी छिपाई।

सीओ सिटी शेखर सेंगर की जांच में मामला उजागर होने के बाद दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ शहर कोतवाली में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। कोतवाल महेंद्र सिंह ने बताया कि एफआईआर दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

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