श्रावस्ती: SSB ने राजकीय सम्मान के साथ खोजी श्वान ‘जोप्लिन’ को दी अंतिम विदाई

श्रावस्ती। भारत-नेपाल सीमा पर तैनात सशस्त्र सीमा बल (SSB) के श्वान दस्ते की कुशल मादक पदार्थ खोजी श्वान ‘जोप्लिन’ का 28 नवंबर की देर रात आकस्मिक निधन हो गया। शनिवार (29 नवंबर) को 62वीं वाहिनी मुख्यालय भिनगा में जोप्लिन का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।

श्रद्धांजलि और सेवाओं का स्मरण

62वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल भिनगा के कमांडेंट अमरेन्द्र कुमार वरुण सहित सभी अधिकारियों और जवानों ने श्वान जोप्लिन को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर सभी ने दो मिनट का मौन धारण कर जोप्लिन के समर्पण और निस्वार्थ सेवाओं को नमन किया। जोप्लिन/377, जर्मन शेफर्ड नस्ल की एक प्रशिक्षित खोजी श्वान थी। वह 03 अगस्त 2017 से 62वीं वाहिनी के श्वान दस्ते में सम्मिलित थी और लगातार भारत-नेपाल सीमा चेक पोस्ट सुईयां पर अपनी सेवाएं दे रही थी। अपनी सतर्कता, प्रशिक्षण और निष्ठा के कारण जोप्लिन ने सीमा सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया था।

वाहिनी के समस्त कार्मिकों ने कहा कि जोप्लिन न केवल एक प्रशिक्षित श्वान थी, बल्कि बल का गर्व और परिवार का अभिन्न हिस्सा थी। जोप्लिन के निधन से 62वीं वाहिनी परिवार में गहरा शोक व्याप्त है और उनकी अमूल्य सेवाओं को हमेशा याद रखा जाएगा।

रिपोर्ट: माता प्रसाद वर्मा

 

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